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हाथियों ने मां-बेटी को कुचलकर मार डाला, खौफ में ग्रामीण
East-Singhbum News in Hindi

News18 Jharkhand
Updated: February 3, 2020, 5:57 PM IST
हाथियों ने मां-बेटी को कुचलकर मार डाला, खौफ में ग्रामीण
घटना के बाद गांव पहुंचे अधिकारियों का ग्रामीणों ने विरोध किया

गांववालों का कहना है कि मशाल और पटाखों से भी हाथी नहीं डरते. बल्कि लोगों को देखते ही हाथी हमला के लिए दौड़ लगाते हैं.

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पूर्वी सिंहभूम. जिले के बहरागोड़ा के बनकाटी में सोमवार सुबह तीन हाथियों (Elephants) के झुंड ने मां-बेटी को कुचलकर मार डाला. घटना से गांव में कोहराम मच गया. सूचना पर वन विभाग (Forest Department) और जिला प्रशासन के अधिकारी गांव पहुंचे, जिन्हें ग्रामीणों (Villagers) के गुस्सा का सामना करना पड़ा. गांववाले लाश को उठाने नहीं दे रहे थे. बाद में उन्हें समझा बुझाकर लाशों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया. गांववालों की मांग है कि वन विभाग पास के जंगल से हाथियों को भगाए.

गांववालों का कहना है कि मशाल और पटाखों से भी हाथी नहीं डरते. बल्कि लोगों को देखते ही हाथी हमला के लिए दौड़ लगाते हैं. दो दिन पहले भी इसी गांव में हाथियों ने एक व्यक्ति को पटक-पटक कर मार डाला. लगातार तीन मौत से वे डर हुए हैं. हाथियों का झुंड लगातार गांव के करीब से गुजरता रहता है. ऐसे में वे कभी भी हमला कर सकते हैं.

ग्रामीणों के गुस्से के शिकार हुए अधिकारी 

मां-बेटी की मौत की सूचना पर डीएफओ अभिषेक कुमार, एसडीओ घाटशिला अमर कुमार, सीओ अरबिन्द ओझा गोहालडीह गांव पहुंचे. इन्हें ग्रामीणों के गुस्से का शिकार होना पड़ा. ग्रामीण इनकी गाड़ियों के सामने धरने पर बैठ गये. एसडीओ अमर कुमार ने हाथियों से बचने के ग्रामीणों को एकत्रित होकर रहने की सलाह दी. एहतियात के तौर पर गांव में वनकर्मियों को तैनात किया गया है. मृतक सबर महिला की पहचान कल्याणी सबर और बेटी दिशा के रूप में हुई.

ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग केवल दिखावे के लिये काम करता है. हाथी आने की सूचना देने पर भी वनकर्मी गांव नहीं पहुंचते. ग्रामीणों ने हाथियों को दूर भगाने की मांग की.

 

इनपुट- प्रभंजन कुमारये भी पढ़ें- रिम्स में भर्ती लालू यादव की तबीयत में गिरावट, सीरम यूरिया और क्रेटनिन बढ़े

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First published: February 3, 2020, 5:56 PM IST
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