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झारखंड में बंजर जमीन पर फल रहे कश्मीरी सेब, इंजीनियरिंग के छात्र की मेहनत लाई रंग

टिंकू महतो को देखकर अब उसके दोस्तों ने भी सेब की खेती शुरू की है.
टिंकू महतो को देखकर अब उसके दोस्तों ने भी सेब की खेती शुरू की है.

Apple Cultivation in Jharkhand: टिंकू महतो ने बताया कि यू-ट्यूब पर जब उसे पता चला कि 45 डिग्री सेल्सियस तापमान में भी सेब की खेती हो सकती है, तो उसने सेब की खेती करने का फैसला लिया और कूरियर से हिमाचल प्रदेश से 100 सेब के पौधे मंगवाये.

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पूर्वी सिंहभूम. अब झारखंड में भी कश्मीरी सेब (Kashmiri Apple) फलने लगे हैं. ऐसा पूर्वी सिंहभूम जिले के घाटशिला में इंजीनियरिंग के एक छात्र की कोशिश से संभव हुआ है. गुडाबांधा का यह युवा लॉकडाउन (Lockdown) में अपने घर आकर खेती शुरू की. सरकारी योजना के तहत किसानों को मिलने वाले 12 हजार रुपये में टिंकू महतो ने कश्मीरी सेब की खेती की. अब उसकी मेहनत रंग ला रही है. सेब के पौधों में फल लगने लगे हैं.

टिंकू महतो ने बताया कि लॉकडाउन में उसने यू-ट्यूब पर वीडियो देखकर कश्मीरी सेब की खेती करने का फैसला लिया. सरकार से किसानों को मिलने वाली राशि 12 हजार रुपये में उसने हिमाचल प्रदेश से 100 सेब के पौधे मंगाये. इनमें से 70 पौधे अब 7 से 8 फीट के हो गये हैं और इनमें फल लगने लगे हैं.

टिंकू की सेब की खेती से प्रभावित होकर अब उसके दोस्तों ने भी सेब की खेती शुरू की है. उन्होंने 7 हजार रुपये के सेब के पौधे मंगवाकर खेत में लगाये हैं.  बतौर टिंकू यू-ट्यूब पर जब उसे पता चला कि 45 डिग्री सेल्सियस तापमान में भी सेब की खेती हो सकती है, तो उसने सेब की खेती करने का फैसला लिया और कूरियर से हिमाचल प्रदेश से 100 सेब के पौधे मंगवाये.



झारखंड में कश्मीरी सेब की खेती
झारखंड में कश्मीरी सेब की खेती.

शुरू में गांववालों ने टिंकू के इस प्रयास का मजाक उड़ाया. लोगों का कहना था कि तपती बंजर जमीन पर सेब की पैदावार कभी नहीं हो सकती. लेकिन टिंकू ने अपनी मेहनत के बल पर यह संभव कर दिखाया.

टिंकू अपनी एक एकड़ जमीन में 99 प्रजाति के सेब के पौधे लगाये हैं. इस जमीन पर पहले कोई खेती नहीं होती थी. लेकिन टिंकू के प्रयास से बंजर जमीन में सेब फलने लगे हैं.
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