तम्बू गाड़कर क्वारंटाइन में रह रहे मजदूर, सांप-बिच्छू से बचने के लिए खींचते हैं लक्ष्मण रेखा
East-Singhbum News in Hindi

तम्बू गाड़कर क्वारंटाइन में रह रहे मजदूर, सांप-बिच्छू से बचने के लिए खींचते हैं लक्ष्मण रेखा
तम्बू के चारों ओर डीडीटी पाउडर की रेखा खींचते मजदूर

बारिश (Rain) के कारण इनदिनों गांव में ज्यादा देर तक बिजली नहीं रह रही है. ऐसे में ये मजदूर (Laborers) मोबाइल की लाइट और मोमबत्ती से रात काटते हैं.

  • Share this:
पूर्वी सिंहभूम. जिले के बहरागोडा प्रखंड के बेनागाढ़िया पंचायत के भालूकखुडिया गांव में महाराष्ट्र और तामिलनाडू से लौटे प्रवासी मजदूरों (Migrant Laborers) ने खुद को तम्बुओं में क्वारंटाइन (Quarantine) कर रखा है. एक तम्बू में 8 और दूसरे में 3 प्रवासी मजदूर रह रहे हैं. इन प्रवासी मजदूरों को गांव में घुसने की इजाजत नहीं है. ग्रामीणों का कहना है कि 14 दिन का क्वारंटाइन पूरा होने के बाद ही इन्हें गांव में प्रवेश मिलेगा.

प्रदेश में इनदिनों बारिश और वज्रपात जारी है. ऐसे में खुले मैदान में तम्बू लगाकर रहना, कई खतरों से एक साथ मोल लेने जैसे है. इन मजदूरों का कहना है कि उन्होंने खुद को भगवान के भरोसे छोड़ दिया है. रात को ये मजदूर अपनी सुरक्षा के लिए तम्बुओं के चारों ओर डीडीटी पाउडर की लक्ष्मण रेखा खींचते है. ताकि सोते समय तम्बू में सांप-बिच्छू ना घुसे.

मोबाइल की लाइट से चलता है काम



बारिश के कारण इनदिनों गांव में ज्यादा देर तक बिजली नहीं रह रही है. ऐसे में ये मजदूर मोबाइल की लाइट और मोमबत्ती से रात को काम चलाते हैं. मजदूरों की माने तो दिन में वक्त कट जाता है, लेकिन रात में कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है.



प्रशासन को नहीं है पता 

जब इस बाबत प्रखंड के बीडीओ से पूछा गया, तो उन्होंने कहा इन मजदूरों के बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है. अगर ऐसा है तो उन्हें प्रोपर क्वारंटाइन सेंटर में शिफ्ट किया जायेगा. जब तक ये क्वारंटाइन सेंटर में शिफ्ट नहीं हो जाते तब तक खुले मैदान में भगवान भरोसे हैं.

इनपुट- प्रभंजन कुमार 

ये भी पढ़ें- प्यास बुझाने के लिए दो कुएं खोदे, एक का नाम Corona दूसरे का Lockdown रखा
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज

corona virus btn
corona virus btn
Loading