Home /News /jharkhand /

एक शिक्षक के हाथों में है 288 छात्रों का भविष्य

एक शिक्षक के हाथों में है 288 छात्रों का भविष्य

पिछले पांच साल से स्कूल में है शिक्षकों की कमी.

पिछले पांच साल से स्कूल में है शिक्षकों की कमी.

झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले के एक स्कूल में 288 बच्चों को पढ़ाने के लिए सिर्फ एक शिक्षक है. स्कूल में सिर्फ एक शिक्षक होने के कारण स्कूल के बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है. एक शिक्षक वाला यह स्कूल डुमरिया प्रखंड का बाकुलचंदा उच्च विद्यालय है.

अधिक पढ़ें ...
    झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले के एक स्कूल में 288 बच्चों को पढ़ाने के लिए सिर्फ एक शिक्षक है. स्कूल में सिर्फ एक शिक्षक होने के कारण स्कूल के बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है. एक शिक्षक वाला यह स्कूल डुमरिया प्रखंड का बाकुलचंदा उच्च विद्यालय है.

    स्कूल में मात्र एक शिक्षक रहने से किसी एक ही कक्षा में पढाई होती है. दूसरी कक्षा खाली रहती है. ऐसे में बच्चों का मन पढ़ाई में नहीं लगता है. स्कूल के बच्चों का कहना है कि शिक्षक नहीं रहने से दिनभर सिर्फ बैठकर ही दिन गुजारना पड़ता है. अपनी पढ़ाई की चिंता को लेकर बच्चे भी सरकार से स्कूल में और शिक्षकों की मांग कर रहे हैं.

    बाकुलचंदा उच्च विद्यालय में बीते एक साल से एक ही शिक्षक प्रभारी प्रधानाध्यापक ही बच्चों को पढ़ा रहे हैं. शिक्षक नहीं होने के कारण प्रधानाध्यापक कभी गांव के शिक्षित बच्चों से या फिर कभी स्कूल के क्लर्क से बच्चों को पढ़ाने के लिए कहते हैं.

    शिक्षकों की कमी को लेकर ग्रामीणों ने कई बार आवाज उठाई है, लेकिन कोई कदम नहीं उठाए गए. झारखंड मुक्ति मोर्चा के प्रखंड अध्यक्ष मिर्जा सोरेन ने शिक्षकों की मांग पर राज्य स्थापना दिवस 15 नवंबर से डुमरिया प्रखंड कार्यालय के समक्ष अनिश्चितकालिन हड़ताल पर बैठने की घोषणा की है.

    बाकीशोल पंचायत के मुखिया बताते है कि बाकुलचंदा प्रोजेक्ट उच्च विद्यालय की समस्या बीते पांच सालों से बनी हुई है. मुखिया ने मुख्यमंत्री से गुहार लगाई है कि जल्द से जल्द स्कूल में शिक्षक की बहाली की जाये ताकि बच्चों की पढ़ाई बाधित ना हो.

    Tags: Jharkhand news

    विज्ञापन
    विज्ञापन

    राशिभविष्य

    मेष

    वृषभ

    मिथुन

    कर्क

    सिंह

    कन्या

    तुला

    वृश्चिक

    धनु

    मकर

    कुंभ

    मीन

    प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
    और भी पढ़ें
    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें

    अगली ख़बर