तालाब निर्माण के नाम पर 11 लाख का घोटाला, एफआईआर दर्ज

ग्रामीणों का कहना है कि उनके गांव में पानी की घोर किल्लत है. तालाब का निर्माण हो जाने से गांव के लोगों को काफी सुविधा हो जाएगी. लेकिन तालाब जीर्णोद्धार का काम आधा-अधूरा छोड़ दिया गया है. तालाबा में एक फीट भी गड्ढा नहीं किया गया है. ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें हर हाल में तालाब चाहिए.

Prabhanjan kumar | News18 Jharkhand
Updated: June 14, 2018, 10:50 AM IST
तालाब निर्माण के नाम पर 11 लाख का घोटाला, एफआईआर दर्ज
पूर्वी सिंहभूम के गुडाबांधा के नाइकनशोल गांव में तालाब का निर्माण कराए बगैर बैंक से सारे पैसे निकाल लिए गए.
Prabhanjan kumar | News18 Jharkhand
Updated: June 14, 2018, 10:50 AM IST
पूर्वी सिंहभूम के गुडाबांधा के नाइकनशोल गांव में तालाब का निर्माण कराए बगैर बैंक से 11 लाख रुपये निकाले जाने के मामले में थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है. बिना काम किए पैसे निकाले जाने का आरोप पूर्वी सिंहभूम के भूमि संरक्षण पदाधिकारी कालीपदो महतो समेत तीन लोगों पर लगाया गया है. इन तीनों पर गुडाबांधा थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है. नाइकनशोल गांव के पानी पंचायत के अध्यक्ष और सचिव ने प्राथमिकी दर्ज कराई है.

अध्यक्ष जैना टुडू और सचिव दुर्गा मुर्मू ने कहा कि बीते वर्ष 2016-17 की योजना के तहत तालाब का जीर्णोद्धार किया जाना था. लेकिन बिना काम किए एकाउंट से 11 लाख रुपये निकाल लिए गए. तालाब अधूरा रहने पर ग्रामीणों ने अध्यक्ष और सचिव पर दबाव डाला तो जमशेदपुर बैंक से पता चला कि बैंक से सारे रुपये निकाले जा चुके हैं. बता दें कि बैंक एकाउंट पानी पंचायत के सचिव और अध्यक्ष के नाम पर होता है. उनके ही हस्ताक्षर से रुपयों की निकासी की जा सकती है.

इस मामले पर अध्यक्ष और सचिव ने कहा कि शुरुआत में ही उनसे तीन ब्लैंक चेक पर हस्ताक्षर करा लिए गए थे. इनके अनुसार उस समय भूमि संरक्षण पदाधिकारी ने कहा था कि चेक पर बिना साइन किए काम की शुरुआत नहीं की जा सकती है. मिली जानकारी के अनुसार 10 अप्रैल 2017 से एक माह के अंदर ही साइन किए गए तीनों चेक से 11 लाख रुपयों की निकासी कर ली गई है. इतने पैसे निकाले जाने के बाद भी तालाब का काम अधूरा पड़ा हुआ है.

ग्रामीणों का कहना है कि उनके गांव में पानी की घोर किल्लत है. तालाब का निर्माण हो जाने से गांव के लोगों को काफी सुविधा हो जाएगी. लेकिन तालाब जीर्णोद्धार का काम आधा-अधूरा छोड़ दिया गया है. तालाबा में एक फीट भी गड्ढा नहीं किया गया है. ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें हर हाल में तालाब चाहिए. वहीं पानी पंचायत के अध्यक्ष और सचिव ने कहा कि उन्हें धोखे में रखकर उनके एकाउंट से रुपयों की इतनी बड़ी रकम निकाल ली गई.

इस पूरे मामले पर भूमि संरक्षण विभाग के प्रभारी जिला पदाधिकारी कालीपदो महतो ने फोन पर जानकारी देते हुए कहा कि काम अभी अधूरा है. कुछ काम बाकी है जिसे पूरा कर लिया जाएगा. थाना में मामला दर्ज कराए जाने के संदर्भ में उन्होंने कहा कि षडयंत्र के तहत उनपर मामला दर्ज कराया गया है.
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