घाटशिला में 45 सौ मजदूरों की लगातार चौथे दिन हड़ताल जारी, त्रिपक्षीय वार्ता विफल

मजदूर, प्रशासन और प्रबंधन के बीच गुरुवार देर रात तक त्रिपक्षीय वार्ता चली. इस दौरान कंपनी प्रबंधन ने 5 साल के वेतन समझौते में 11 प्रतिशत मूल वेतन में समावेश का ऑफर दिया. इसे मजदूरों ने ठुकरा दिया

News18 Jharkhand
Updated: June 14, 2019, 1:31 PM IST
घाटशिला में 45 सौ मजदूरों की लगातार चौथे दिन हड़ताल जारी, त्रिपक्षीय वार्ता विफल
45 सौ मजदूरों की हड़ताल जारी
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Updated: June 14, 2019, 1:31 PM IST
पूर्वी सिंहभूम के घाटशिला में वेज रिवीजन की मांग को लेकर 45 सौ मजदूरों की हड़ताल लगातार चौथे दिन भी जारी है. अब तक मजदूरों की यूरेनियम कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (यूसीआईएल) प्रबंधन के साथ कई दौर की वार्ता हो चुकी है, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकल पाया है.

देर रात तक चली त्रिपक्षीय वार्ता विफल 



मजदूर, प्रशासन और प्रबंधन के बीच गुरुवार देर रात तक त्रिपक्षीय वार्ता चली. इस दौरान कंपनी प्रबंधन ने 5 साल के वेतन समझौते में 11 प्रतिशत मूल वेतन में समावेश का ऑफर दिया. जबकि इसके पहले प्रबंधन ने 10 साल के वेतन समझौता में मूल वेतन में 22 प्रतिशत समावेश का ऑफर दिया था. तब मजदूरों के संयुक्त यूनियन ने 35 प्रतिशत समावेश की मांग की थी.

कंपनी के रवैये पर मजदूरों में नाराजगी 

बैठक से निकलकर जादूगोड़ा यूनिट के मजदूर संघ के महासचिव सुरजीत सिंह ने बाहर खड़े अन्य मजदूरों को इसकी जानकारी दी, तो उनमें कंपनी प्रबंधन के रवैये पर नाराजगी दिखी. उन्होंने कंपनी प्रबंधन के प्रस्ताव को मानने से इनकार कर दिया. इसके बाद दोबारा यूनियन नेता बैठक करने गए, जो देर रात तक जारी रही. मजदूरों का आरोप है कि यूसीआईएल प्रबंधन द्वारा साजिश के तहत हड़ताल पर बैठे लोगों को माइंस से बाहर निकाला.

वेतन समझौता टालने के लिए अपना रहे हथकंडे

दरअसल यूसीआईएल के तुरामडीह माइंस में 180 फीट नीचे 53 मजदूर हड़ताल पर बैठे थे. उन्हें बुधवार देर रात जिला प्रशासन, सांसद और पोटका विधायक ने भरोसा दिलाकर बाहर निकलवाया. अब मजदूरों ने जबरन बाहर निकलवाने का आरोप लगाया है. मजदूरों का कहना है कि कंपनी प्रबंधन, सांसद और विधायक ने 24 घंटे में वेतन समझौता का भरोसा दिलाया था. लेकिन कोई सकारात्मक समझौता नहीं हो पा रहा है. इसके उलट वेतन समझौता टालने के लिए तरह- तरह के हथकंडे अपनाए जा रहे हैं.
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वार्ता में प्रबंधन, प्रशासन और मजदूर शामिल 

वार्ता में कंपनी की ओर से वित्त निदेशक देवाशीष घोष, राजेश कुमार, रविन्द्र कुमार, एसके शर्मा, वीके सिंह, वी सुरेश, राहुल सिंह, गिरीश गुप्ता शामिल हुए. जन प्रतिनिधि में सांसद विद्युत वरण महतो, विधायक मेनका सरदार और जिला परिषद अध्यक्ष बुलुरानी सिंह शामिल हुईं. इनके अलावा एडीएम सुबोध शामिल हुए. वार्ता शाम 4 बजे शुरू होकर देर रात तक चली, लेकिन कोई समझौता नहीं हुआ.

रिपोर्ट- प्रभंजन कुमार

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