Home /News /jharkhand /

पहाड़ी झरने का पानी पी रहे हैं ये 100 परिवार, प्रशासन नहीं दे रहा है ध्यान

पहाड़ी झरने का पानी पी रहे हैं ये 100 परिवार, प्रशासन नहीं दे रहा है ध्यान

झरने का पानी भरती ग्रामीण महिला

झरने का पानी भरती ग्रामीण महिला

इस गांव में पीएचडी विभाग द्वारा पानी की टंकी भी बनाई गई थी, लेकिन वह पिछले पांच सालों से बेकार पड़ी है. पंप खराब होने के बाद से इस टंकी में पानी नहीं आया. ग्रामीणों का कहना कि अगर विभाग इस टंकी की मरम्मत कर दें तो लोगों को साफ पानी पीने के लिए मिल सकता है.

अधिक पढ़ें ...
    पूर्वी सिंहभूम के मुसाबनी इलाके के पांच टोला गांवों के ग्रामीण पीने के पानी के लिए एक पहाड़ी झरने पर निर्भर है. गांव के लोग पहाड़ी झरने से ही अपनी सभी जरूरतों को पूरी करते हैं. गांव में कहने के लिए तो तीन हैंडपंप हैं, लेकिन दो खराब है और एक हैंड पंप से पूरे गांव को पर्याप्त पानी नहीं मिल पाता. हैंड पंप से खारा पानी निकलता है, जिससे परेशान ग्रामीण पहाड़ी झरने से पानी भरने के लिए मजबूर होते हैं.

    झरने का पानी पीने के लिए मजबूर ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कई सालों से गांव के लोग इसी झरने का पानी पी रहे हैं. मानसून की बारिश के बाद यह पानी मटमैला हो जाता है, जिसे पीने से कई बार बीमारियां फैल जाती हैं, लेकिन इस पानी को पीने के अलावा कोई दूसरा चारा नहीं है. धोबनी माइंस टोला, रमड़ागोडा, उलडाही, आहरचेतन टोला में करीब 100 से ज्यादा घर हैं. गांव की महिलाओं का कहना है कि उन्हें हर रोज करीब दो किलोमीटर दूर पहाड़ी झरने से पानी लाना पड़ता है. गांव की महिलाएं एक दिन में तीन बार पानी लाती हैं.

    यह भी पढ़ें-  लातेहार में अफीम के डोडा चूरा बनाने की फैक्ट्री पकड़ी, आरोपी फरार

    ग्रामीणों का कहना है कि झरने को कुएं का रूप दे दिया जाए तो उन्हें काफी सुविधा होगी. पहाड़ों का पानी एक गड्डे में जमा होता है, जिसे ग्रामीण पीने के काम लेते हैं, लेकिन इस पानी में बरसात के दौरान बाहरी पानी मिलने से पानी खराब हो जाता है और पीने जैसा नहीं रहता है. ग्रामीणों का कहना है कि इस पानी को पीने से कई बार गांव वाले बीमार हो जाते हैं. अगर सरकार इस झरने पर कुंआ बना दे तो काफी हद से समस्या का समाधान हो जाएगा.

    यह भी पढ़ें-  शूटर तारा शाहदेव को मिला तलाक, रांची फैमिली कोर्ट ने सुनाया फैसला

    इस गांव में पीएचडी विभाग द्वारा पानी की टंकी भी बनाई गई थी, लेकिन वह पिछले पांच सालों से बेकार पड़ी है. पंप खराब होने के बाद से इस टंकी में पानी नहीं आया. ग्रामीणों का कहना कि अगर विभाग इस टंकी की मरम्मत कर दें तो लोगों को साफ पानी पीने के लिए मिल सकता है.

    यह भी पढ़ें- संतान की चाह में दूसरी शादी करना चाहता था पति, पत्नी ने विरोध किया तो कर दी हत्या

    यह भी पढ़ें-  झारखंड में मानसून ने दी दस्तक, उत्तरी और दक्षिणी-पूर्वी जिलों में जोरदार बारिश

    Tags: Jharkhand news, Ranchi news

    विज्ञापन
    विज्ञापन

    राशिभविष्य

    मेष

    वृषभ

    मिथुन

    कर्क

    सिंह

    कन्या

    तुला

    वृश्चिक

    धनु

    मकर

    कुंभ

    मीन

    प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
    और भी पढ़ें
    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें

    अगली ख़बर