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झारखंड विधानसभा चुनाव परिणाम 2019: आडवाणी को गिरफ्तार करने वाले अफसर ने जीती है झारखंड की ये विधानसभा सीट
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News18 Jharkhand
Updated: December 23, 2019, 6:57 PM IST
झारखंड विधानसभा चुनाव परिणाम 2019:  आडवाणी को गिरफ्तार करने वाले अफसर ने जीती है झारखंड की ये विधानसभा सीट
झारखंड कांग्रेस के अध्यक्ष रामेश्वर उरांव ने जीता विधानसभा चुनाव

डा रामेश्वर उरांव ने लोहरदगा विधानसभा सीट जीत ली है. 2004 में रामेश्वर उरांव (Rameshwar Oraon) ने पुलिस सेवा से वीआरएस लेकर सियासत की ओर कदम बढ़ाया था, वे उसी साल कांग्रेस (Congress) के टिकट पर लोहरदगा सीट से लोकसभा पहुंचे और पार्टी ने इन्हें केंद्र में मंत्री बना दिया. उरांव को चुनाव से ठीक पहले प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनाया गया है.

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नई दिल्ली. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष रामेश्वर उरांव (Rameshwar Oraon) ने  बीजेपी प्रत्याशी सुखदेव भगत को हराकर लोहरदगा विधानसभा सीट जीत ली है. रामेश्वर उरांव ने बीजेपी प्रत्याशी सुखदेव भगत को 30242 मतों से हराया. कांग्रेस प्रत्याशी को 74320 और बीजेपी प्रत्याशी को 44078 वोट मिले. पुलिस सेवा (Police Service) से राजनीति में आए डॉ. रामेश्वर उरांव का जन्म 14 फरवरी 1947 को पलामू के चियकी गांव में हुआ. बचपन से ही पढ़ाई में काफी तेज होने के कारण परिवार के लोगों को उनसे काफी उम्मीदें थीं. पिता पुलिस में थे, जिसके कारण पुलिस की सेवा के प्रति रामेश्वर उरांव का झुकाव हुआ. 1972 में वे आईपीएस (IPS) बने. बतौर एसपी उनकी पहली पोस्टिंग बिहार के रोहतास जिले में हुई. जिसके बाद बिहार के कई जिलों में एसपी के रूप में काम किया. बेहतर कार्यशैली के कारण इन्हें पुलिस सेवा सम्मान से भी समान्नित किया गया. 23 नवम्बर 1990 को बीजेपी के कद्दावर नेता लालकृष्ण आडवाणी को इन्होंने गिरफ्तार किया था.

रह चुके हैं केन्द्रीय मंत्री  
लंबे समय तक पुलिस सेवा में रहने के बाद धीरे-धीरे रामेश्वर उरांव का झुकाव राजनीति की ओर होता गया. 2004 में इन्होंने पुलिस सेवा से वीआरएस लेकर सियासत की ओर कदम बढ़ाया. कांग्रेस के टिकट पर लोहरदगा लोकसभा सीट से संसदीय चुनाव लड़े और विजयी हुए. जिसके बाद इन्हें केंद्र में मंत्री बनाया गया. सोनिया गांधी से काफी नजदीकी के कारण पार्टी में काफी सम्मान मिलता रहा. हालांंकि 2009 के लोकसभा चुनाव में रामेश्वर उरांव लोहरदगा सीट पर बीजेपी के सदर्शन भगत से 6 हजार वोट से हार गये. लेकिन कांग्रेस ने इन्हें सम्मान देते हुए राष्ट्रीय एसटी-एससी आयोग का चेयरमैन बना दिया. बतौर चेयरमैन इन्होंने आदिवासियों के लिये काफी काम किया.

हाल में बने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष 

2014 में एक बार फिर रामेश्वर उरांव कांग्रेस प्रत्याशी के तौर पर लोहरदगा सीट से लोकसभा चुनाव लड़े, लेकिन इस बार भी किस्मत ने साथ नहीं दिया. बीजेपी के सदर्शन भगत से 5500 वोट से हार गए. लेकिन उन्होंने अपनी सियासी सक्रियता नहीं छोड़ी. लोकसभा चुनाव के बाद लातेहार के मनिका से विधानसभा चुनाव लड़े, लेकिन उसमें भी जीत हासिल नहीं हुई. 2019 विधानसभा चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस ने इन्हें प्रदेश अध्यक्ष बनाकर नई जिम्मेवारी सौंपी है.
(रिपोर्ट- सुशील कुमार)


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First published: November 7, 2019, 11:25 AM IST
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