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Jharkhand Assembly Election Result 2019: रघुवर दास ने सरकार के साथ सीट भी गंवाई, कहां हुई चूक?

कभी झारखंड में बीजेपी की जीत के शिल्पी थे रघुवर दास

कभी झारखंड में बीजेपी की जीत के शिल्पी थे रघुवर दास

रघुवर दास (Raghubar Das) को साल 2014 में अर्जुन मुंडा के ऊपर तरजीह देते हुए मुख्यमंत्री बनाया गया था. वह साल 1995 से लगातार पांच बार विधायक रह चुके हैं. इससे पहले वह एक भी चुनाव नहीं हारे थे.

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    नई दिल्ली. जमशेदपुर पूर्वी (Jamshedpur East) सीट पर बीजेपी उम्मीदवार रघुवर दास (Raghubar Das) चुनाव हार गए हैं. उन्हें पूर्व मंत्री और निर्दलीय प्रत्याशी सरयू राय (Saryu Rai) ने 15 हजार से ज्यादा मतों से हराया. कांग्रेस प्रत्याशी गौरव वल्लभ को यहां तीसरे स्थान से संतोष करना पड़ रहा है. उधर जेएमएम गठबंधन स्पष्ट बहुमत हासिल कर चुका है लिहाजा ये चुनाव रघुवर दास के लिए हार का सबब बनते दिखाई दे रहे हैं. पर सवाल यह है कि चूक कहां रह गई? पार्टी और रघुवर दास को किस बात नुकसान उठाना पड़ रहा है?

    रघुवर दास को साल 2014 में अर्जुन मुंडा के ऊपर तरजीह देते हुए मुख्यमंत्री बनाया गया था. साल 2019 में रघुवर दास अपने बड़े सियासी इम्तिहान में पास हो गए. लोकसभा चुनाव में बीजेपी को झारखंड में 14 में से 11 सीटें मिलीं. इस बड़ी जीत ने झारखंड में रघुवर दास के नेतृत्व में बीजेपी सरकार के कामकाज को जहां शानदार बताया तो रघुवर दास के प्रति बीजेपी आलाकमान का भरोसा बढ़ाने का भी काम किया. इससे पहले रघुवर दास को पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने साल 2014 में पार्टी में वाइस प्रेसीडेंट की जिम्मेदारी देकर साफ कर दिया था केंद्रीय नेतृत्व उन पर पूरी तरह भरोसा करता है.

    सीएम रघुवीर दास का सियासी सफर
    रघुवर दास 1995 से लगातार जमशेदपुर पूर्व से चुनाव लड़ते आ रहे हैं और पांच दफे चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंच चुके हैं. बीजेपी और उसके सहयोगियों द्वारा बनाई गई हर सरकार में रघुवर दास की भूमिका हमेशा से अहम रही है. रघुवर दास 15 नवंबर 2000 से 17 मार्च 2003 तक श्रम मंत्री रह चुके हैं. इसके बाद मार्च 2003 से 14 जुलाई 2004 तक भवन निर्माण मंत्री और 12 मार्च 2005 से 14 सितंबर 2006 तक प्रदेश में वित्त, वाणिज्य और नगर विकास मंत्री रहे.

    इसके अलावा 30 दिसंबर 2009 से 29 मई 2010 तक शिबू सोरेन की सरकार में उपमुख्यमंत्री का पद भी संभाल चुके हैं. पार्टी ने उनके लंबे अनुभव और पार्टी के प्रति प्रतिबद्धता को देखते हुए दिसंबर 2014 में मुख्यमंत्री बनाकर सम्मानित किया. झारखंड के आठवें मुख्यमंत्री के रूप में रघुवरदास ने दिसंबर 2014 में शपथ ली.

    Jharkhand - साल 2014 में झारखंड के मुख्यमंत्री बनाए गए थे रघुवर दास (पीटीआई)
    साल 2014 में झारखंड के मुख्यमंत्री बनाए गए थे रघुवर दास (पीटीआई)


    कभी मज़दूरी करने वाले रघुवर दास ने काफी उतार-चढाव देखे हैं
    साल 1955 में जन्मे रघुवर दास की जिंदगी उतार-चढाव से भरी रही. कोई ये सोच नहीं सकता कि एक मामूली परिवार में जन्मा और मजदूर के तौर पर आजीविका अर्जित करने वाला शख्स धीरे-धीरे राज्य का मुख्यमंत्री बन गया. बचपन में अभाव के चलते मजदूरी करना उनके जीवन का हिस्सा बन चुका था और जमशेदपुर के टाटा स्टील में मजदूर के रूप में उन्हें काम करना पड़ा था. लेकिन बाद में उन्होंने नौकरी छोड़ दी थी. इमरजेंसी के दौरान वो जेल भी जा चुके थे. साल 1977 में रघुवर दास जनता पार्टी में शामिल हुए लेकिन साल 1980 में बीजेपी की स्थापना होने के बाद बीजेपी में शामिल हो गए.



    गोविंदाचार्य ने लड़वाया था पहला चुनाव
    कहा जाता है कि पार्टी के तत्कालीन विचारक गोविंदाचार्य ने रघुवर दास को 1995 में चुनाव लड़ने के लिए प्रेरित किया था और उन्हें टिकट देकर चुनाव मैदान में उतारा था. तब से लेकर अब तक रघुवर दास सफलता के शिखर पर लगातार चढ़ते रहे और साल 2014 में पांचवीं बार जीतकर मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुंचने में सफल रहे. रघुवरदास ग्रेजुएट हैं और साथ में एलएलबी की भी डिग्री उन्होंने हासिल कर रखी है.



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