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पीएम रिलीफ फंड के नाम पर फर्जी वेबसाइट बनाकर ठगे 52.58 लाख रुपए, अब तक 4 गिरफ्तार

मेडिकल करा लौट रही  रेप पीड़िता और उसके भाई का आरोपी पक्ष ने किया अपहरण

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आरोपियों ने हजारीबाग (Hazaribagh) के दो बैंक में पीएम रिलीफ फंड (PM Relief Fund) के नाम से दो खाते खोल रखे थे, शक होने पर बैंक ने इन खातों की जानकारी पुलिस को दी थी.

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हजारीबाग. प्रधानमंत्री राहत कोष (PM Relief Fund) के नाम पर फर्जी वेबसाइट (Fake website) बनाकर ठगी करने वाले दो लोगों को झारखंड पुलिस (Jharkhand Police) ने गिरफ्तार किया है. दोनों आरोपियों की पहचान विकास शर्मा और बबलू हेंब्रम के रूप में हुई है. उल्‍लेखनीय है कि इस मामले में दो आपोरियों को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है. जिनकी पहचान मोहम्‍म्‍द सिराजुद्दीन और मोहम्‍मद इफ्तेखार के रूप में हुई है. वहीं, इस मामले का मास्‍टर माइंड और मुख्‍य आरोपी पमेश्‍वर साहू अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है. परमेश्‍वर की तलाश में पुलिस टीम लगातार छापेमारी कर रही है.

बैंक की शिकायत पर हुई कार्रवाई
जानकारी के अनुसार, आरोपियों ने पीएम केयर रिलीफ फंड डॉट कॉम के नाम से फर्जी वेबसाइट तैयार की थी. वेबसाइट के जरिए आरोपी कोरोना महामारी के नाम पर लोगों से सहायता राशि मांग रहे थे. आरोपियों ने अपनी वेबसाइट पर दो बैंक एकाउंट का जिक्र किया था, जिसमें पहला एकाउंट पीएनबी बैंक के बड़ी बाजार शाखा का था, जबकि दूसरा एकाउंट यू‍नियन‍ की आनंदा चौक शाखा का था. दोनों बैंक मैनेजरों ने शक के आधार पर खातों का मिला किया तो पाया कि दोनों खाताधारक सगे भाई हैं. शक होने पर बैंक की तरफ से पुलिस को शिकायत दी गई. बैंक की शिकायत पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी.

52 लाख की ठगी कर चुके थे आरोपी
पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपियों ने खाताधारक के नाम की जगह पर पीएम केयर लिख रखा था. यहीं से दोनों बैंक के मैनेजर को शक हुआ. उन्‍होंने पुलिस को बताया कि अब तक दोनों एकाउंट में 52 लाख 58 हजार 442 रुपए जमा हो चुके हैं. बैंक से मिले तथ्‍यों की मदद से पुलिस ने दोनों आरोपियों की तलाश शुरू की. जल्‍द ही पुलिस को सहायता मिली और दोनों आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया. पूछताछ के दौरान, दोनों आरोपियों ने पुलिस को बताया कि इस पूरे मामले का मास्‍टरमाइंड परमेश्‍वर साव है. जिसके बाद, पुलिस ने साव के घर में छापेमारी की. हालांकि वह पुलिस के पहुंचने से पहले ही फरार हो गया था. पुलिस ने उसके घर से अल्‍टो आई 10 कार, भारी तादाद में बैंक पासबुक, चेक, एटीएम कार्ड बरामद किए थे.



18 लाख के ट्रांजेक्‍शन का भी हुआ खुलासा
मामले की तफ्तीश के दौरान, पुलिस को पता चला कि करीब 18 लाख रुपए का ट्रांसफर दो एकाउंट में किया गया है. जांच में ये दोनों एकाउंट मुफस्सिल थानाक्षेत्र के अंतर्गत आने वाले पौता गांव के विकास शर्मा और गुरहेत टोला दहवा के बबलू हेंब्रम का था. जांच में पता चला कि विकास के खाते में सात लाख रुपए और बबलू के खाते में 11 लाख रुपए का ट्रांजेक्‍शन हुए है. जिसके बाद पुलिस ने छापेमारी कर इन दोनों आरोपियो को भी गिरफ्तार कर लिया.

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