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जमशेदपुर: टाटा स्टील के प्लांट पर आतंकी हमले की आशंका, बढ़ाई गई सुरक्षा व्यवस्था

आतंकी हमले के खतरे को देखते हुए कंपनी की पूरी चहारदीवारी पर इलेक्ट्रिक फेंसिंग की गई है. इससे दीवार के छूते ही मात्र दो सेकेंड में कंट्रोल एरिया को सूचना मिल जाएगी.

आतंकी हमले के खतरे को देखते हुए कंपनी की पूरी चहारदीवारी पर इलेक्ट्रिक फेंसिंग की गई है. इससे दीवार के छूते ही मात्र दो सेकेंड में कंट्रोल एरिया को सूचना मिल जाएगी.

टाटा स्टील (Tata Steel) प्लांट के सिक्युरिटी चीफ गोपाल प्रसाद चौधरी ने कहा कि इंटेलिजेंस एजेंसी (Intelligence Agency) से कंपनी को आंतकी हमले के खतरे (Threat of Terrorist Attack) की सूचना मिली है. इसके मद्देनजर सुरक्षा (Security) को लेकर जरूरी तैयारी की गई है.

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    जमशेदपुर. झारखंड (Jharkhand) की औद्योगिक राजधानी जमशेदपुर (Jamshedpur) स्थित टाटा स्टील (Tata Steel) के प्लांट पर आतंकी हमले की आशंका (Terrorist attack) जताई गई है. इस आशंका के मद्देनजर कंपनी की ओर से सुरक्षा व्यवस्था (Security Arrangement) और पुख्ता की गई है. गुरुवार शाम को सेंटर फॉर एक्सीलेंस सभागार में हुई राउंड टेबल मीटिंग में कंपनी के सिक्युरिटी एंड ब्रांड प्रोटेक्शन विभाग के चीफ गोपाल प्रसाद चौधरी ने इसकी जानकारी दी. उन्होंने कहा कि कंपनी को इंटेलिजेंस एजेंसी (Intelligence Agency) से ऐसी सूचना मिली है. इसके मद्देनजर सुरक्षा को लेकर जरूरी तैयारी की गई है.

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    चौधरी ने बताया कि कंपनी की पूरी चाहरदीवारी (बाउन्ड्री) पर इलेक्ट्रिक फेंसिंग की गई है. इससे दीवार के छूते ही मात्र दो सेकेंड में कंट्रोल एरिया को सूचना मिल जाएगी. कंपनी की सुरक्षा में सेंट्रल और स्टेट सिक्युरिटी फोर्सेस भी लगी हुई हैं.

    सिक्युरिटी चीफ ने कहा कि कंपनी की जिम्मेदारी न सिर्फ साइबर, बल्कि आतंकी घटना से भी खुद को सुरक्षित रखने की है. जमशेदपुर शहर से आतंकी संगठन अल कायदा और आईएसआईएस के आतंकवादियों कटकी और कलीमुद्दीन के तार जुड़े हैं. दो साल पहले काली बाड़ी के पास डस्टबिन में बम विस्फोट हो चुका है. गोपाल प्रसाद चौधरी के मुताबिक आतंकी सरकारी इमारतों के बजाय अर्थव्यवस्था की रीढ़ समझे जाने वाली कंपनियों को निशाना बनाते हैं. उनके इरादे अधिक से अधिक आर्थिक नुकसान पहुंचाने की होती है.

    उन्होंने बताया कि सुरक्षा चाक-चौबंद होने के कारण हाल के वर्षों में कंपनी परिसर में पकड़े जाने वाले अपराधियों की संख्या में कमी आई है. वर्ष 2019 में मात्र 80 लोगों को पकड़ा गया. कोई भी बाहरी शख्स सीधे कंपनी परिसर के अंदर घुस नहीं सकता.

    (इनपुट- अन्नी अमृता)

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