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करोड़ों खर्च करने के बाद भी छात्र-छात्राएं जमीन पर बैठने को मजबूर

Neelkamal | ETV Bihar/Jharkhand
Updated: August 12, 2017, 11:33 PM IST
करोड़ों खर्च करने के बाद भी छात्र-छात्राएं जमीन पर बैठने को मजबूर
यह नजारा चैनपुर प्रखंड के खुरा कला उच्च विद्यालय का है

पलामू में बेहतर शिक्षा व व्यवस्था देने के नाम पर शिक्षा विभाग करोड़ों रूपए खर्च कर रहा है. फिर भी जिले के सैकड़ों स्कूलों के छात्र-छात्राएं क्लास रूम में जमीन पर बैठने को मजबूर हैं. उन्हें दरी तक मुहैया नहीं कराई गई है.

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पलामू में बेहतर शिक्षा व व्यवस्था देने के नाम पर शिक्षा विभाग करोड़ों रूपए खर्च कर रहा है. फिर भी जिले के सैकड़ों सरकारी स्कूलों के छात्र-छात्राएं क्लास रूम में जमीन पर बैठने को मजबूर हैं. उन्हें दरी तक मुहैया नहीं कराई गई है.

पलामू में कुल विद्यालयों की संख्या 2595 है. इनमें मात्र दस फिसदी विद्यालयों में छात्र-छात्राओं के बैठने और लिखने-पढ़ने के लिए बेंच-डेस्क की व्यवस्था है. बाकी बचे 90 प्रतिशत स्कूलों में बच्चों को जमीन पर बैठकर ही पढ़ाई करनी पड़ती है.

जिले के चैनपुर प्रखंड में सिर्फ 305 विद्यालय हैं. इनमें खुरा कला उच्च विद्यालय,रबदा मध्य विद्यालय ,बुढ़ीबी मध्य विद्यालय समेत दर्जनों स्कूलों में आज भी बेंच डेस्क नहीं है. खुरा कला विद्यालय के शिक्षकों का कहना है कि और बेंच डेस्क की मांग की गई है, मगर नहीं मिला है. स्कूल की बच्चियां भी बताती हैं कि काफी दिनों से वे फर्श पर बैठ कर पढ़ाई कर रही हैं. इतना ही नहीं अभिभावक भी इस बात से नाराज हैं कि उनका बच्चा फर्श पर बैठने को मजबूर है. शिक्षक भी महसूस करते हैं कि बारिश में बच्चों को जमीन पर बैठने में परेशानी होती है.

पूछने पर डीएससी अरविंद कुमार ने रटा रटाया जवाब दिया कि बाकी स्कूलों में में जल्द ही बेंच-डेस्क की व्यवस्था कर ली जाएगी. जहां एक तरफ निजी स्कूल के बच्चे एसी क्लास रूम में डिजिटल बोर्ड पर पढ़ाई कर रहे हैं वहीं दूसरी ओर सरकारी विद्यालयों में आज भी बच्चे फर्श पर बैठने को मजबूर हैं. यह सब तो हो रहा जब सरकार शिक्षा पर पैसे बहा रही है.

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First published: August 12, 2017, 11:33 PM IST
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