बर्न वार्ड में एसी नहीं, मरीजों को लाना पड़ता है खुद का पंखा

पलामू के सदर अस्पताल के बर्न वार्ड में AC की सुविधा नहीं दी गई है. इस वजह से बर्न वार्ड में भर्ती मरीजों को काफी परेशानी हुआ करती है. बर्न वार्ड को ठंडा रखने के नाम पर सिर्फ कुछ शिलिंग फैन लगाए गए हैं. मगर लो वोल्टेज के कारण शिलिंग फैन से मरीजों के शरीर तक हवा नहीं पहुंच पाती है.

Neelkamal | News18 Jharkhand
Updated: June 7, 2018, 2:09 PM IST
बर्न वार्ड में एसी नहीं, मरीजों को लाना पड़ता है खुद का पंखा
बेहाल है पलामू सदर अस्पताल का बर्न वार्ड
Neelkamal
Neelkamal | News18 Jharkhand
Updated: June 7, 2018, 2:09 PM IST
पलामू के सदर अस्पताल के बर्न वार्ड में मरीजों को घर से टेबल फैन लेकर इलाज के लिए एडमिट होना पड़ता है. वैसे बर्न वार्ड में AC होनी चाहिए मगर इसकी व्यवस्था नहीं है. शिलिंग फैन लगे जरूर हैं मगर उनसे मरीजों को कोई राहत नहीं मिलती. एक तरफ राज्य सरकार राज्य में बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देने का दावा करती है. लेकिन जिले के अस्पतालों की हकीकत कुछ और बयां करती है.

पलामू के सदर अस्पताल के बर्न वार्ड में AC की सुविधा नहीं दी गई है. इस वजह से बर्न वार्ड में भर्ती मरीजों को काफी परेशानी हुआ करती है. बर्न वार्ड को ठंडा रखने के नाम पर सिर्फ कुछ शिलिंग फैन लगाए गए हैं. मगर लो वोल्टेज के कारण शिलिंग फैन से मरीजों के शरीर तक हवा नहीं पहुंच पाती है. अंततः लाचार और बेबस मरीज अस्पताल में भर्ती होने के बाद खुद के पैसे से टेबल फैन लेकर आते हैं, जिससे उन्हें थोड़ी राहत मिलती है.

मरीजों का कहना है कि व्यवस्था कुछ भी नहीं है. AC तो है ही नहीं और जो शिलिंग फैन लगे हैं उसकी हवा मरीजों तक नहीं पहुंचती है. इस वजह से मरीजों को काफी परेशानी होती है. यही कारण है कि मरीजों को अपने घर से पंखा लेकर आना पड़ता है और उसे मरीज के करीब लगाना पड़ता है. अस्पताल में भर्ती मरीजों के परिजनों में इस बात को लेकर हमेशा नाराजगी देखी जाती है. बर्न वार्ड में एक दर्जन के करीब मरीज हमेशा एडमिट रहते हैं. इतना ही नहीं मरीज के परिजनों का यह भी आरोप है कि वार्ड में चिकित्सक भी शायद ही कभी आते हैं. इन्हें दवाइयां भी बाहर से लानी पड़ती है.

बता दें कि ऐसी ही व्यवस्था पलामू के हुसैनाबाद, पाकी या अन्य प्रखंडों के सीएचसी में भी देखने को मिलती है. इस व्यवस्था पर बर्न वार्ड की एएनएम प्रीति मिंज का कहना है कि इस तरह की व्यवस्था बहुत पहले से ही है. बता दें कि झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री रामचंद्र चंद्रवंशी के गृह जिले में सदर अस्पताल का ये हाल है. इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि बाकी के जिलों में स्वास्थ्य व्यवस्था का क्या हाल होगा.
First published: June 7, 2018, 2:03 PM IST
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