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संतरे की खेती करने को लेकर पलामू के किसान उत्साहित

Neelkamal | ETV Bihar/Jharkhand
Updated: February 14, 2018, 3:31 PM IST
संतरे की खेती करने को लेकर पलामू के किसान उत्साहित
पलामू के कृषि अनुसंधान केंद्र में सैकड़ों एकड़ भूमि पर संतरे की खेती की जा रही है.

कृषि अनुसंधान केंद्र में लगे संतरे के बारे में जानकारी मिलने पर कई किसान यहां पहुंच रहे हैं और संतरे की खेती को देखकर महसूस कर रहे हैं कि वे भी कम पानी में संतरे की खेती कर सकते हैं.

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पलामू के कृषि अनुसंधान केंद्र में सैकड़ों एकड़ भूमि पर संतरे की खेती की जा रही है. 2007 में कृषि अनुसंधान केंद्र में सैकड़ों एकड़ भूमि में नागपुर के संतरे के पौधों को लगाया गया था. संतरे के ये पेड़ अब कुछ सालों से अच्छे फल देने लगे हैं. संतरे की खेती में मिली सफलता के बाद अब हर साल सुखाड़ की मार झेल रहे पलामू के किसानों को अनुसंधान केंद्र में संतरे की फसल दिखाकर प्रेरित किया जाने लगा है. उन्हें बताया जा रहा है कि वे भी कम पानी में संतरे की खेती कर अच्छी कमाई कर सकते हैं. इससे कृषि अनुसंधान केंद्र में पहुंचे किसानों में उम्मीद जगी है. किसानों का कहना है कि यहां का फल देखकर अब हम लोग भी संतरे की खेती करेंगे.

बता दें कि हर साल कम बारिश होने की वजह से पलामू के किसान धान की फसल नहीं पैदा कर पाते हैं. रवि की फसल भी नहीं हो पाती है. ऐसे में कृषि अनुसंधान केंद्र में लगे संतरे के बारे में जानकारी मिलने पर कई किसान यहां पहुंच रहे हैं और संतरे की खेती को देखकर महसूस कर रहे हैं कि वे भी कम पानी में संतरे की खेती कर सकते हैं. किसानों का कहना है कि संतरे की खेती कर अच्छी कमाई की जा सकती है.

इधर कृषि अनुसंधान केंद्र चियांकी के वैज्ञानिक प्रमोद कुमार सिंह का कहना है कि कृषि अनुसंधान केंद्र के अलावा कई गांवों में किसानों को संतरे की खेती के लिए प्रेरित किया जाने लगा है. कुछ किसानों के खेतों में संतरे के पौधे भी लगाए जा चुके हैं. अब आने वाले समय में कृषि अनुसंधान केंद्र और पलामू के ग्रामीण इलाकों के संतरे बाजार में बिकने लगेंगे.

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First published: February 14, 2018, 3:31 PM IST
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