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दशकों से जहरीला पानी पी रहे थे यहां के लोग, एेसे मिला छुटकारा

News18 Jharkhand
Updated: August 31, 2018, 12:53 PM IST
दशकों से जहरीला पानी पी रहे थे यहां के लोग, एेसे मिला छुटकारा
शुद्ध पेयजल

पीएचईडी विभाग के कार्यपालक अभियंता राधेश्याम रवि का कहना है कि नलों में फ्लोराइड रीमूवल अटैचमेंट लगाने से लोगों को शुद्ध पानी मिलने लगा है.

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गढ़वा के सदर प्रखंड के प्रतापपुर गांव में सरकार के प्रयास से अब ग्रामीणों को शुद्ध पानी मिलने लगा है. इससे ग्रामीण काफी खुश हैं. दरअसल पिछले कई दशकों से यहां के लोग फ्लोराइडयुक्त पानी पीने को मजबूर थे. इसके कारण कई लोग दिव्यांग हो गये और कईयों की जान चली गई.

सरकार की ओर से यहां वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के साथ-साथ पानी टंकी और चालानलों में  फ्लोराइड रीमूवल अटैचमेंट लगाये गये हैं. इससे लोगों को अब फ्लोराइडयुक्त पानी से छुटकारा मिल गया है. शुद्ध पानी के लिए प्रतापपुर गांव में आरओ प्लांट भी लगाया गया है. ग्रामीणों का कहना है कि पहले शुद्ध पानी के लिए तरसते थे, लेकिन अब दशकों पुरानी समस्या से छुटकारा मिल गया है.

पीएचईडी विभाग के कार्यपालक अभियंता राधेश्याम रवि का कहना है कि नलों में फ्लोराइड रीमूवल अटैचमेंट लगाने से लोगों को शुद्ध पानी मिलने लगा है. इससे मौतों की संख्या में कमी आई है. गांव के लिए एक नई जलापूर्ति योजना पर भी काम चल रहा है.

बता दें कि जिला मुख्यालय से महज 12 किमी दूर पर स्थित प्रतापपुर गांव में फ्लोराइडयुक्त पानी पीने से एक दशक में करीब 40 लोगों की मौत हो गई, जबकि 50 से अधिक लोग दिव्यांग हो गये. ग्रामीणों के हाथ-पैर मुड़ गये. हड्डियां गल गईं. दांत पीले पड़कर झड़ गये. कई लोग चलने-फिरने में असमर्थ हो गये. 600 की आबादी वाले इस गांव में 1997-98 में पहली बार लोगों को पता चला कि वे फ्लोराइडयुक्त पानी पी रहे हैं. भूमिगत जल की जांच करायी गयी तो पता चला कि इसमें फ्लोराइड की मात्रा 5.92 मिलीग्राम प्रति लीटर है, जो मान्य मात्रा 1.5 मिलीग्राम से करीब चार गुना अधिक था.

(शैलेश कुमार की रिपोर्ट) 

 

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First published: August 31, 2018, 12:52 PM IST
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