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Krishna Janmashtami 2021 Spl: 32 मन सोने की प्रतिमा, भगवान श्रीकृष्ण का अलौकिक दर्शन चाहते हैं तो आइए झारखंड

Krishna Janmashtami 2021 Spl: 32 मन सोने की प्रतिमा, भगवान श्रीकृष्ण का अलौकिक दर्शन चाहते हैं तो आइए झारखंड

गढ़वा के नगर उंटारी में स्थित बंशीधर मंदिर में भगवान श्रीकृष्ण की सोने की मूर्ति स्थापित है.

गढ़वा के नगर उंटारी में स्थित बंशीधर मंदिर में भगवान श्रीकृष्ण की सोने की मूर्ति स्थापित है.

Krishna Janmashtami 2021 Spl: गढ़वा जिले के नगर उंटारी अनुमंडल में स्थित है बंशीधर मंदिर, जहां भगवान कृष्ण की अद्वितीय, अलौकिक और नयनाभिराम प्रतिमा है. कहा जाता है कि देश ही नहीं बल्कि पूरे विश्व में यह अकेली ऐसी प्रतिमा है, जो 32 मन ठोस सोने की बनी है.

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    रिपोर्ट- चंदन कश्यप

    गढ़वा. भगवान कृष्ण के दर्शन के लिए आप मथुरा और वृंदावन जाना पसंद करते हैं, लेकिन विलक्षण और सबसे अलहदा भगवान कृष्ण की प्रतिमा देखनी हो तो जरा झारखंड में गढ़वा का रुख कीजिये. यहां सालों पूर्व मंदिर में स्थापित है विश्व का इकलौता अद्वितीय 32 मन ठोस सोने की कृष्ण की प्रतिमा. लेकिन इसबार भी कृष्ण जन्माष्टमी (Krishna Janmashtami 2021) के मौके पर कोविड-19 की गाइडलाइन के चलते मंदिर को बन्द रखा गया है. हालांकि वृन्दावन से आये पुरोहितों द्वारा पूजा पाठ किया जा रहा है.

    जिले के नगर उंटारी अनुमंडल मुख्यालय में स्थित है बंशीधर मंदिर, जहां स्थापित है भगवान कृष्ण की अद्वितीय, अलौकिक और नयनाभिराम प्रतिमा. कहा जाता है कि देश ही नहीं बल्कि पूरे विश्व में यह अकेली ऐसी प्रतिमा है जो 32 मन ठोस सोने की है. कहा जाता है कि आज से तकरीबन दो सौ साल पहले नगर उंटारी की राजमाता शिवमानी कुअंर को सपना आने के बाद पहाड़ पर खुदाई करायी गयी. इसी खुदाई में भगवान कृष्ण की यह प्रतिमा मिली. राजमाता प्रतिमा को अपने महल में स्थापित करना चाहती थीं, पर वर्तमान में जहां मंदिर है, वहीं पर वह हाथी बैठ गया जो पहाड़ से लेकर प्रतिमा आ रहा था. इसलिए प्रतिमा वहीं स्थापित करनी पड़ी. 21 जनवरी 1828 को वसंत पंचमी के दिन उक्त प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा की गयी.

    भगवान बंशीधर से लोगों की अगाध श्रद्धा जुड़ी हुई है. बाबा बंशीधर ट्रस्ट के अध्यक्ष सह नगर गढ़ के युवराज राजेश प्रताप देव ने कहा कि एसडीएम द्वारा कोविड गाइड लाइन का पालन करते हुए श्रीकृष्ण जन्माष्टमी मनाने के अनुमति दी गई है. श्रद्धालुओं के लिए मंदिर का कपाट बंद रहेगा.

    बंसीधर मंदिर में स्थापित प्रतिमा की अलौकिकता की व्याख्या सांकृत्यायन ने भी की है. अपनी यात्रा के दौरान कालांतर में नगर पहुंचे राहुल सांकृत्यायन ने मंदिर में कुछ समय गुज़ारा था. उन्होंने भी प्रतिमा को विश्व में अपने आप में अकेला अद्वितीय और अनूठा बताया था. मंदिर की महत्ता के बारे में अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि स्थानीय लोगों की दिनचर्या की शुरुआत भगवान कृष्ण के दर्शन के साथ होती है. जन्माष्टमी महोत्सव में मंदिर की भव्यता देखते बनती है.

    भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन करने के लिए यहां देश के कोने -कोने से लोग आते रहे हैं. श्रद्धालुओं का कहना है कि यहां के प्रतिमा को देख मन आह्लादित हो जाता है. यहां दर्शन मात्र से सारी मनोकामना पूर्ण हो जाती है.

    Tags: Jharkhand news, Sri Krishna Janmashtami

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