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झारखंड के 33 मजदूर अफ्रीका के माली में फंसे, वतन वापसी के लिए CM हेमंत सोरेन और PM मोदी से गुहार

झारखंड के 33 मजदूर अफ्रीका के माली में फंसे, वतन वापसी के लिए CM हेमंत सोरेन और PM मोदी से गुहार

अफ्रीका में कमाने गए झारखंड के 33 मजदूर फंस गए हैं. पीड़ितों ने सरकार से मदद की गुहार लगाई है.  (Representative Image)

अफ्रीका में कमाने गए झारखंड के 33 मजदूर फंस गए हैं. पीड़ितों ने सरकार से मदद की गुहार लगाई है. (Representative Image)

Jharkhand labours stranded in South Africa: अफ्रीकी देश माली में काम करने गए झारखंड के 33 मजदूर वहां फंस गए हैं. इनमें ज्यादातर हजारीबाग और गिरिडीह के रहने वाले हैं. पीड़ित मजदूरों ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर वतन वापसी की गुहार लगाई है. मजदूरों ने एक वीडियो जारी कर केंद्र और झारखंड सरकार से उन्हें वापस बुलाने की मांग की है.

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रांची. देश से हर दिन कई मजदूर रोजगार की तलाश में विदेश तक का भी रास्ता तय कर लेते हैं. बेरोजगारी के आलम को देखते हुए कई ऐसी एजेंसियां भी सक्रिय हो चुकी है, जो लोगों को सुनहरे सपने दिखाकर विदेश भेजती हैं . रोजगार, पैसों के लालच में आकर हर साल कई मजदूर फर्जी एजेंसी और दलालों के चक्कर में फंस जाते हैं. एक ऐसी ही खबर सोशल मीडिया के जरिए सामने आई है. अफ्रीकी देश माली में काम करने गए झारखंड के 33 मजदूर (Jharkhand labours stranded in South Africa) वहां फंस गए हैं. इनमें ज्यादातर हजारीबाग और गिरिडीह के रहने वाले हैं.

पीड़ित मजदूरों ने सोशल मीडिया (Social Media) पर पोस्ट कर वतन वापसी की गुहार लगाई है. मजदूरों ने एक वीडियो जारी कर केंद्र और झारखंड सरकार से उन्हें वापस बुलाने की मांग की है. माली में फंसे मजदूरों में विष्णुगढ़ के रूपलाल महतो, सुकर महतो, संदीप कुमार महतो, तिलक महतो, नंदलाल महतो समेत चुरचू और बरकट्ठा के भी लोग हैं.

क्या है वीडियो मैसेज में

मजदूरों ने वीडियो मैसेज में कहा है कि दलाल ने उन्हें झांसा देकर अफ्रीका भेजा था. यहां तीन महीने का तो वेतन ही नहीं मिला है. ब्रोकर भारत लौट गया है. फोन पर बात करने पर धमकी दी जा रही है. सभी मजदूर अभी एक कमरे में रह रहे हैं. झारखंड के लेबर मिनिस्टर सत्यानंद भोक्ता ने भी इस मामले में ट्वीट किया है.

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माली में काम करने गए 33 मजदूर वहां फंस गए हैं.

अधिकारी ने मदद का दिया आश्वासन

जिला प्रशासन के मुताबिक, उन्हें मजदूरों के अफ्रीकी देश में जाकर काम करने की कोई जानकारी नहीं दी गई है. डिप्टी कमिश्नर आदित्य कुमार आनंद ने बताया कि इस संबंध में कोई सूचना नहीं है. उन्होंने आश्वासन दिया है कि इस संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है, उसके बाद जो भी हर संभव मदद दी जाएगी.

पहले भी दलालों के चक्कर में पड़ विदेशों में फंस चुके हैं मजदूर

इससे पहले भी दलालों के चंगुल में फंसकर कई गरीब मजदूर विदेश में जाकर फंस चुके हैं. कई एजेंसी नौकरी और ज्यादा पैसे के नाम पर लोगों को विदेश भेज देती है, जहां उन्हें वेतन से लेकर रहन-सहन और अन्य कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है. इसके अलावा कई बार बहुत से लोगों को दूसरे कामों में भेज दिया जाता है, जो ब्रोकर के बताए काम से बिल्कुल अलग होता है.

Tags: CM Hemant Soren, Labour minister, Modi government

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