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अफ्रीका के माली में फंसे 33 मजदूरों में से 6 की हुई वतन वापसी, सरजमीं पर आते ही छलके आंसू

अफ्रीका के माली में फंसे 33 मजदूरों में से 6 की हुई वतन वापसी, सरजमीं पर आते ही छलके आंसू

अफ्रीका के माली में फंसे 33 मजदूरों में से 6 की वतन वापसी हो गई है.

अफ्रीका के माली में फंसे 33 मजदूरों में से 6 की वतन वापसी हो गई है.

Jharkhand News: गिरिडीह एवं हजारीबाग जिले के 33 प्रवासी मजदूर अफ्रीका के माले में फंसे हुए थे. मजदूरों ने पहली बार 16 जनवरी को सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर कर माली में फंसे होने की बात कही थी.

रिपोर्ट-एजाज अहमद 

गिरिडीह. अफ्रीका के माली में फंसे 33 मजदूरों में से 6 की वतन वापसी हो गई है. भारत लौटे मजदूरों में गिरिडीह और हजारीबाग (Hazaribag) जिले के विभिन्न प्रखंड़ों के मजदूर हैं. सभी मजदूरों ने वापस लौटने पर खुशी जताई है. साथ ही इसके लिए केंद्र और राज्य सरकार (Hemant Soren Government) के प्रति आभार प्रकट किया है. देश की सरजमीं पर लौटे मजदूरों में बगोदर प्रखंड के तिरला निवासी दिलीप महतो सहित बिष्णुगढ़ प्रखंड के लालमणी महतो, इंद्रदेव महतो, छेदीलाल महतो, लोकनाथ महतो, संतोष महतो शामिल है. मजदूरों ने बताया कि केंद्र एवं राज्य सरकार के पहल के बाद हम लोगों की वापसी हुई है. इधर वापस लौटे प्रवासी मजदूरों से सामाजिक कार्यकर्ता सिकंदर अली ने मुलाकात कर हालचाल जाना.

सोशल मीडिया के जरिए लगाई थी गुहार 

बता दें कि गिरिडीह एवं हजारीबाग जिले के 33 प्रवासी मजदूर अफ्रीका के माले में फंसे हुए थे. मजदूरों ने पहली बार 16 जनवरी को सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर कर माली में फंसे होने की बात कही थी एवं वतन वापसी की गुहार लगाई थी. माली में फंसे मजदूरों का वीडियो सोशल मीडिया में खूब वायरल हुआ था.

बाकी मजदूरों की भी जल्द होगी वापसी 

राज्य सरकार के कई मंत्रियों ने ट्वीट व रिट्वीट करके केंद्र सरकार से मदद की गुहार लगाई थी. केंद्रीय राज्य शिक्षा मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने भी अपने स्तर से पहल कर विदेश मंत्री जयशंकर बात की थी जिसके बाद माली में फंसे मजदूरों की वतन वापसी का रास्ता आसान हो गया. माली के बामोक स्थित भारतीय दूतावास ने भी काफी पहल की जिसके बाद 33 फंसे मजदूरों में से 6 मजदूरों की वतन वापसी हो पाई है. वहीं बाकी मजदूरों को भी धीरे-धीरे लाया जाएगा.

भावुक हुए मजदूर 

घर पहुंचते ही मजदूरों के आंखों में आंसू आ गए. उन्होंने बताया कि हम लोगों को $400 प्रतिमाह देने की बात कहकर आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा के एक ठेकेदार ले गए थे. दो-तीन महीनों तक जैसे तैसे वह अपने कहे अनुसार पैसे देते रहे फिर बाद में देना बंद कर दिया. इसके बाद हम लोगों को काफी दिक्कतें होने लगी. यहां तक भूखे रहने की नौबत आ गई. तब जाकर सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल कर के सरकार से वतन वापसी की गुहार लगानी पड़ी. अपने वतन लौटने के बाद सभी 6 मजदूर काफी खुश हैं. अपने परिवार से मिलने के बाद उन्होंने राहत की सांस ली है.

Tags: Jharkhand news

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