गिरिडीह लोकसभा नतीजे: विधानसभा चुनावों में माहिर चंद्रप्रकाश चौधरी लोकसभा चुनावों में भी हिट

News18Hindi
Updated: May 23, 2019, 2:12 PM IST
गिरिडीह लोकसभा नतीजे: विधानसभा चुनावों में माहिर चंद्रप्रकाश चौधरी लोकसभा चुनावों में भी हिट
सीपी चौधरी

गिरिडीह लोकसभा नतीजे, giridih election result 2019: चंद्रप्रकाश चौधरी 34,000 मतों से आगे चल रहे हैं.

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विधानसभा चुनावों में लगातार जीतते रहे और पांच बार प्रदेश सरकारों में मंत्रालय संभाल चुके सीपी चौधरी गिरिडीह लोकसभा सीट से एनडीए के उम्मीदवार हैं लेकिन उन्हें कड़े इम्तिहान से गुज़रना है क्योंकि ये उनका पहला संसदीय चुनाव है. नतीजे क्या कह रहे हैं?

लोकसभा चुनाव 2019 में झारखंड की अहम सीटों में गिरिडीह शुमार है क्योंकि यहां एनडीए की तरफ से चंद्रप्रकाश चौधरी प्रत्याशी हैं. चौधरी पहली बार संसदीय चुनाव मैदान में हैं लेकिन पांच बार राज्य सरकारों में मंत्री पद संभाल चुके हैं. सीटों के बंटवारे के गणित के हिसाब से एनडीए ने ये सीट आजसू को दी इसलिए पार्टी ने चौधरी को यहां से कैंडिडेट बनाया. चौधरी का मुकाबला गिरिडीह सीट पर झामुमो के जागरनाथ महतो से है. गिरिडीह सीट से नतीजे आ रहे हैं और एनडीए प्रत्याशी सीपी चौधरी बाज़ी मारते दिख रहे हैं. झामुमो प्रत्याशी महतो के मुकाबले चौधरी, गिरिडीह लोकसभा चुनाव परिणामों में 34,000 वोटों से आगे चल रहे हैं.

पहली बार संसदीय चुनाव लड़ रहे चंद्रप्रकाश चौधरी गिरिडीह सीट से एनडीए उम्मीदवार के तौर पर ज़ोर लगा रहे हैं. वह रामगढ़ विधानसभा क्षेत्र से लगातार विधायक रहे हैं और वर्तमान रघुवर सरकार में पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के मंत्री हैं. एनडीए के तहत गिरिडीह सीट आजसू पार्टी को मिली तो आजसू ने प्रदेश सरकार में मंत्री चंद्रप्रकाश चौधरी को मैदान में उतारा.

नौकरी के दौरान सियासत से जुड़ाव

चंद्रप्रकाश चौधरी का जन्म 18 अगस्त 1967 को रामगढ़ के रजरप्पा थाना इलाके के सांडी गांव में हुआ. चंद्रप्रकाश चौधरी का पारिवारिक बैकग्राउंड राजनीति वाला रहा है. पिता रीझू नाथ चौधरी जनसंघ से जुड़े हुए थे और तीन बार विधानसभा का चुनाव लड़े, लेकिन जीत नहीं पाए. चौधरी ने विनोबा भावे विश्वविद्यालय हजारीबाग से वाणिज्य में स्नातक किया. उसके बाद सीसीएल के रजरप्पा कोलियरी में कांटा इंचार्ज के रूप में काम किया. उसी दौरान इनका झुकाव सियासत की तरफ हुआ.

जिला संयोजक से पार्टी उपाध्यक्ष का सफर
सियासत में आने के बाद चौधरी ने आजसू पार्टी का दामन थामा. 2000 से 2003 तक पार्टी के हज़ारीबाग जिला संयोजक रहे चौधरी ने2003 से 2005 तक हज़ारीबाग जिलाध्यक्ष के रूप में काम किया. 2005 में उन्हें पार्टी का केन्द्रीय कोषाध्यक्ष बनाया गया. 2009 में चौधरी को पार्टी का उपाध्यक्ष बनाया गया. फिलहाल वह इस पद पर बने हुए हैं.
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पांच बार रह चुके हैं मंत्री
सीपी चौधरी पहली बार 2005 में रामगढ़ सीट पर आजसू के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़े और जीते. उसके बाद 2009 और 2014 में भी उन्हें लगातार जीत हासिल हुई. 2005 में सीपी चौधरी पहली बार अर्जुन मुंडा की सरकार में भू-राजस्व मंत्री बने. फिर 2006 में मधु कोड़ा की सरकार में विज्ञान प्रौद्योगिकी मंत्री रहे. 2009 में शिबू सोरेन की सरकार में जल संसाधन विभाग मंत्रालय संभाला. 2010 में एक बार अर्जुन मुंडा की सरकार में भवन निर्माण मंत्री बने. पांचवी बार रघुवर दास की सरकार में पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के मंत्री का ज़िम्मा संभाल रहे हैं. सीपी चौधरी झारखंड विधानसभा में पार्टी विधायक दल के नेता भी रहे हैं.

झारखंड आंदोलन के लिए जा चुके हैं जेल
रामगढ़ अलग जिला बनाने के लिए हुए आंदोलन में मंत्री सीपी चौधरी ने बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया. आंदोलन के चलते ही 2004 में हज़ारीबाग से अलग होकर रामगढ़ नया जिला बना. इससे पहले झारखंड अलग राज्य के लिए भी उन्होंने संघर्ष किया. झारखंड आंदोलन के दौरान वह 1988-89 में जेल भी गये.​

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First published: May 23, 2019, 2:12 PM IST
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