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Giridih News: सड़क के अभाव में जच्चा-बच्चा की मौत पर जागा प्रशासन, पूरे गांव को पहाड़ से मैदान में बसाने की तैयारी

गिरिडीह में तिसरी प्रखंड का लक्ष्मीबथान गांव पहाड़ पर बसा हुआ है. जहां गाड़ी क्या, बाइक भी नहीं जा पाती है.

गिरिडीह में तिसरी प्रखंड का लक्ष्मीबथान गांव पहाड़ पर बसा हुआ है. जहां गाड़ी क्या, बाइक भी नहीं जा पाती है.

Giridih News: हाल में प्रसव पीड़ा से तड़प रही महिला को जब खाट पर सामुदायिक केन्द्र ले जाया जा रहा था, तब महिला ने रास्ते में ही बच्ची को जन्म दे दिया. लेकिन अस्पताल पहुंचते- पहुंचते दोनों की मौत हो गई. इस घटना ने जिला प्रशासन को झंकझोर कर रख दिया.

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गिरिडीह. झारखंड के गिरिडीह (Giridih) में जच्चा-बच्चा की मौत ने प्रशासन को इस कदर हिला दिया कि पूरे गांव को पहाड़ से नीचे लाकर मैदान में बसाने की तैयारी शुरू कर दी गई है. इस गांव में 24 आदिवासी (Tribal) और दलित परिवार रहते हैं. लेकिन पहाड़ पर गांव होने के चलते कभी यहां का विकास नहीं हो पाया. सड़क नहीं होने के चलते खाट पर बीमारों को अस्पताल पहुंचाया जाता है. हाल में प्रसव पीड़ा से तड़प रही महिला को जब खाट पर सामुदायिक केन्द्र ले जाया जा रहा था, तब महिला ने रास्ते में ही बच्ची को जन्म दे दिया. अस्पताल पहुंचते- पहुंचते जच्चा और बच्चा दोनों की मौत हो गई. इस घटना ने जिला प्रशासन को झंकझोर कर रख दिया.

तिसरी प्रखंड के लक्ष्मीबथान गांव में बीते 26 फरवरी को सूरजी मरांडी नामक महिला को प्रसव पीड़ा शुरू हुई. दर्द से तड़पती सूरजी को परिवारवाले खाट पर लादकर गावां सामुदायिक अस्पताल के लिए निकले. लेकिन रास्ते में उसने बेटी को जन्म दे दिया. मगर थोड़ी ही देर बाद बच्ची की मौत हो गई. गावां सामुदायिक अस्पताल पहुंचने पर कोई डॉक्टर नहीं मिला. उपचार नहीं मिलने से सूरजी की भी मौत हो गई. खाट पर मरीज को लाने एवं जच्चा-बच्चा की मौत ने जिला प्रशासन को हिलाकर रख दिया.

डीसी राहुल कुमार सिन्हा ने घटना की जांच के लिए टीम बनाई, जो 4 किमी पैदल चलकर गांव पहुंची. टीम ने गांव में रहने वाले आदिवासी एवं दलित परिवारों का दर्द सुना. जिसके बाद अधिकारियों की संवेदना जागी. और अब पूरे गांव पहाड़ से मैदान में बसाने पर विचार किया जा रहा है.



गांव के लोगों का कहना है कि हमारा दर्द प्रशासन समझे, हमें भी सुविधा मिलनी चाहिए, ताकि फिर किसी महिला की अस्पताल ले जाते वक्त मौत न हो.
इधर, जांच रिपोर्ट के आधार पर उपायुक्त ने गावां पीएचसी के चार डॉक्टरों को शोकॉज नोटिस भेजकर एक सप्ताह में जवाब मांगा है.
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