लॉकडाउन के चलते काम छूटा तो करने लगे जैविक खेती, खेत में उगाई हर तरह की सब्जियां

आर्गेनिक खेती करने वाले प्रदीप राणा का कहना है कि हर दिन कोई ना कोई यहां आकर उनसे नए और उन्नत तरीके से खेती करने के गुर सीखना चाहता है

आर्गेनिक खेती करने वाले प्रदीप राणा का कहना है कि हर दिन कोई ना कोई यहां आकर उनसे नए और उन्नत तरीके से खेती करने के गुर सीखना चाहता है

पिछले वर्ष लॉकडाउन (Lockdown) लगने के बाद प्रदीप राणा का काम बंद हो गया तो उन्होंने खेती करने की बात सोची. अब वो अपने खेतों में स्वीट कॉर्न, बैगन, भिंडी, शिमला मिर्च, टमाटर, खीरा, पुदीना उगा रहे हैं. खास बात यह है कि उन्होंने रासायनिक खाद की जगह जैविक खाद (Organic Farming) का इस्तेमाल कर यह सब उगाया

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गिरिडीह. कोरोना काल में लागू लॉकडाउन (Lockdown) से लाखों लोगों के सामने नौकरी और रोजगार का संकट आ खड़ा हुआ. झारखंड के गिरिडीह (Giridih) जिले के रहने वाले प्रदीप राणा का भी कामकाज ठप हुआ तो उन्होंने कुछ अलग करने की ठानी. मुफस्सिल के अंतर्गत आने वाले अकदोनी कला पंचायत के कुबरीबाद में प्रदीप राणा ने अपने दो एकड़ की जमीन पर खेती का काम शुरू किया. पिछले वर्ष लॉकडाउन लगने के बाद से ही वो खेती कर रहे हैं. वो अपने खेतों में स्वीट कॉर्न, बैगन, भिंडी, शिमला मिर्च, टमाटर, खीरा, पुदीना उगा रहे हैं. खास बात यह है कि उन्होंने रासायनिक खाद की जगह जैविक खाद (Organic Farming) का इस्तेमाल कर यह सब उगाया.

प्रदीप राणा का कहना है कि लॉकडाउन की वजह से मेरा काम छूट गया था, उसके बाद मन में खेती-बाड़ी करने का विचार आया. उन्होंने बताया कि मैंने ठान लिया था कि लोगों तक ऑर्गेनिक सब्जियां पहुंचाई जाए जिसमें ज्यादा खाद नहीं हो. इसलिए मैंने बिल्कुल देसी खाद का इस्तेमाल कर यहां सब्जियां उगाईं. प्रदीप राणा के इस कार्य की सराहना पूरे इलाके में हो रही है. उनसे प्रेरित होकर कुछ लोग खेती की ओर अग्रसर हो रहे हैं.

प्रदीप राणा का कहना है कि हर दिन कोई ना कोई यहां आकर उनसे नए और उन्नत तरीके से खेती करने के गुर सीखना चाहता है. (एजाज अहमद की रिपोर्ट)

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