कांटा इंचार्ज से मंत्री, ऐसा रहा है आजसू उम्मीदवार चंद्रप्रकाश चौधरी का सियासी सफर

News18 Jharkhand
Updated: May 11, 2019, 2:01 PM IST
कांटा इंचार्ज से मंत्री, ऐसा रहा है आजसू उम्मीदवार चंद्रप्रकाश चौधरी का सियासी सफर
मंत्री चंद्रप्रकाश चौधरी

रामगढ़ अगल जिला बनाने के लिए हुए आंदोलन में मंत्री सीपी चौधरी ने बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया. आंदोलन के चलते ही 2004 में हजारीबाग से अलग होकर रामगढ़ नया जिला बना.

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पहली बार संसदीय चुनाव लड़ रहे मंत्री चंद्रप्रकाश चौधरी गिरिडीह सीट से एनडीए उम्मीदवार के तौर पर जोर लगा रहे हैं. वह रामगढ़ विधानसभा क्षेत्र से लगातर विधायक रहे हैं और वर्तमान रघुवर सरकार में पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के मंत्री हैं. एनडीए के तहत गिरिडीह सीट आजसू पार्टी को मिली. आजसू ने मंत्री चंद्रप्रकाश चौधरी को मैदान में उतारा है.

सीसीएल कोलियरी में थे कांटा इंचार्ज

मंत्री चंद्रप्रकाश चौधरी का जन्म 18 अगस्त 1967 को रामगढ़ के रजरप्पा थाना इलाके के सांडी गांव में हुआ. उनके पिता का नाम रीझू नाथ चौधरी और माता का नाम कलावती चौधरी है. सुनीता चौधरी से इनकी शादी हुई, जिनसे दो पुत्र ईषान व पीयूष और एक पुत्री सोनल प्रिया है. चंद्रप्रकाश चौधरी का पारिवारिक बैकग्राउंड राजनीति वाला रहा है. पिता रीझू नाथ चौधरी जनसंघ से जुड़े हुए थे और तीन बार विधानसभा का चुनाव लड़े. लेकिन जीत नहीं पाए. मंत्री ने बिनोवा भावे विश्वविद्यालय हजारीबाग से वाणिज्य में स्नातक किया. उसके बाद सीसीएल के रजरप्पा कोलियरी में कांटा इंचार्ज के रूप में काम किया. उसी दौरान इनका झुकाव सियासत की ओर हुआ.

जिला संयोजक से पार्टी उपाध्यक्ष का सफर   

सियासत में आने के बाद मंत्री चंद्रप्रकाश चौधरी आजसू पार्टी का दामन थामा. 2000 से 2003 तक वह पार्टी के हजारीबाग जिला संयोजक रहे. 2003 से 2005 तक हजारीबाग जिलाध्यक्ष के रूप में काम किया. 2005 में उन्हें पार्टी का केन्द्रीय कोषाध्यक्षक बनाया गया. इस पद पर वह 2008 तक बने रहे. 2009 में चंद्रप्रकाश चौधरी को पार्टी का उपाध्यक्ष बनाया गया. फिलहाल वह इस पद पर बने हुए हैं.

पांच बार रहे हैं मंत्री 

सीपी चौधरी पहली बार 2005 में रामगढ़ सीट पर आजसू के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़े और जीते. उसके बाद 2009 और 2014 में भी उन्हें लगातार जीत हासिल हुई. 2005 में सीपी चौधरी पहली बार अर्जुन मुंडा की सरकार में भू- राजस्व मंत्री बने. फिर 2006 में मधु कोड़ा की सरकार में विज्ञान प्रोद्यौगिकी मंत्री रहे. 2009 में शिबू सोरेन की सरकार में जल संसाधन विभाग बतौर मंत्री संभाला. 2010 में एक बार अर्जुन मुंडा की सरकार में भवन निर्माण मंत्री बने. पांचवी बार रघुवर दास की सरकार में पेयजल एवं स्वच्छता विभाग का जिम्मा मंत्री के रूप में संभाल रहे हैं. सीपी चौधरी झारखंड विधानसभा में पार्टी विधायक दल के नेता भी रहे हैं.
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झारखंड आंदोलन के लिए गये जेल 

रामगढ़ अगल जिला बनाने के लिए हुए आंदोलन में मंत्री सीपी चौधरी ने बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया. आंदोलन के चलते ही 2004 में हजारीबाग से अलग होकर रामगढ़ नया जिला बना. इससे पहले झारखंड अलग राज्य के लिए भी उन्होंने संघर्ष किया. झारखंड आंदोलन के दौरान वह 1988-89 में जेल भी गये.

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First published: May 11, 2019, 1:36 PM IST
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