खतरनाक लापरवाही, बिना पैक किए श्मशान घाट भेजा कोरोना संक्रमित का शव

प्रतीकात्मक तस्वीर.

प्रतीकात्मक तस्वीर.

झारखंड के गिरीडीह में स्वास्थ्य विभाग (Health Department of Jharkhand) और अस्पताल की लापरवाही की मिसाल यह है कि ऐसा पहली बार नहीं हुआ है. यही नहीं, कोरोना काल में स्थानीय प्रशासन के तमाम दावे खोखले साबित हो रहे हैं.

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अजाज़ अहमद

गिरीडीह. कोरोना महामारी के बढ़ते प्रकोप के बावजूद नगर के सदर अस्पताल से लापरवाही की तस्वीर एक नहीं, बार बार सामने आ रही है. इस बार के मामले में सदर अस्पताल में इलाज करवा रहे एक व्यक्ति की मौत जब रविवार को हुई तो उसके बाद अस्पताल प्रशासन ने मृतक के शरीर को बिना पैक किए हुए श्मशान घाट भिजवा दिया. इस लापरवाही को लेकर लोगों में नाराज़गी है, तो जानकार इसे सीधे तौर पर गाइडलाइनों का उल्लंघन करार दे रहे हैं.

लापरवाही का आलम क्या और कैसा है, इसकी बानगी देखिए. शवों का अंतिम संस्कार कर रहे रॉकी नवल ने बताया कि ठीक से पैक किए बिना आने वाले शवों के बारे में पहले भी कई बार स्वास्थ्य विभाग और सदर अस्पताल को सूचना दी जा चुकी है लेकिन अब तक इस तरफ कोई ध्यान नहीं दिया गया. वास्तव में, इस लापरवाही से संक्रमण का खतरा काफी बढ़ जाता है. वहीं, अंतिम संस्कार करने में भी काफी दिक्कतें पेश आती हैं.

खराब रहा है ट्रैक रिकॉर्ड
इससे पहले भी गिरिडीह में स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही सामने आती रही है. बता दें कि 10 दिन पहले कोरोना से एक महिला की मौत हुई थी तो ऑटो रिक्शा से श्मशान घाट तक बिना पैकिंग के शव पहुंचाया गया था. यह खबर मीडिया में आने के बावजूद प्रशासन सतर्क नहीं हुआ और यही ढर्रा जारी है.

इसी सिलसिले में यह चर्चा भी है कि प्रशासन भले ही दावा करता है कि बेड और ऑक्सीजन की कमी नहीं है, लेकिन ऑक्सीजन के अभाव में कई लोग दम तोड़ चुके हैं. बेड के अभाव में अस्पताल के फर्श पर मरीज़ों को तड़पते हुए देखा जा चुका है.

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