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बाल मजदूरी के दलदल से निकलकर बदला समाज, अब मिला डायना अवार्ड

गिरिडीह के रहने वाले नीरज मुर्मू को ब्रिटेन का प्रतिष्ठित डायना अवार्ड मिला है.

गिरिडीह के रहने वाले नीरज मुर्मू को ब्रिटेन का प्रतिष्ठित डायना अवार्ड मिला है.

झारखंड के नीरज को समाज के लिए किए गए उनके कामों के लिए ब्रिटेन का प्रतिष्ठित अवार्ड दिया गया है.

    गिरिडीह. झारखंड के गिरिडीह (Giridih) जिले के दुलियाकरम गांव के रहने वाले नीरज मुर्मू (Neeraj Murmu) को ब्रिटेन के प्रतिष्ठित डायना अवार्ड (Diana Award 2020) से सम्मानित किया गया है. पूर्व बाल मजदूर रहे 21 वर्षीय मुर्मू को यह अवार्ड गरीब और हाशिये के बच्चों को शिक्षित करने के लिए मिला है. यह अवार्ड हर साल 09 से 25 साल के उम्र के उन बच्चों और युवाओं को दिया जाता है, जो अपनी नेतृत्व क्षमता का परिचय देते हुए सामाजिक बदलाव में असाधारण योगदान देते हैं. नीरज कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रंस फाउंडेशन (केएससीएफ) से जुड़े हुए हैं.

    गिरिडीह के नीरज मुर्मू दुनिया के उन 25 बच्चों में शामिल हैं, जिन्हें इस गौरवशाली अवार्ड से सम्मानित किया गया. नीरज के प्रमाणपत्र में इस बात का विशेष रूप से उल्लेख किया गया है कि दुनिया को बदलने की दिशा में उन्होंने नई पीढ़ी को प्रेरित कर महत्वपूर्ण काम किया है. कोरोना संकट के चलते उन्हें यह अवार्ड वर्चुअल समारोह में प्रदान किया गया.

    अभ्रक खदानों में करते थे बाल मजदूरी 

    नीरज 10 साल की उम्र में परिवार का पेट पालने के लिए अभ्रक खदानों में बाल मजदूरी करते थे. इसी क्रम में बचपन बचाओ आंदोलन के कार्यकर्ताओं ने उन्हें बाल मजदूरी से मुक्‍त कराया. इसके बाद नीरज कैलाश सत्यार्थी के इस आंदोलन के साथ मिलकर बाल मजदूरी के खिलाफ काम करने लगे. वह लोगों को समझा-बुझाकर उनके बच्चों को बाल मजदूरी से मुक्त कराकर स्कूलों में दाखिला दिलाने लगा. ग्रेजुएशन की पढ़ाई जारी रखते हुए उन्होंने गरीब बच्चों के लिए अपने गांव में एक स्‍कूल की स्‍थापना की, जहां गरीब बच्‍चों को शिक्षा देने में जुटे हैं.

    गरीब बच्चों में जगा रहे हैं शिक्षा का अलख

    नीरज के मुताबिक अपनी पढ़ाई के दौरान उन्होंने शिक्षा के महत्व को समझा. बाद में लोगों को समझा-बुझाकर उनके बच्चों को बाल मजदूरी से छुड़ाकर स्कूलों में दाखिला कराने लगे. उनके स्कूल में तकरीबन 200 बच्चों को शिक्षा दिया जा रहा है. नीरज ने 20 से ज्यादा बाल मजदूरों को अभ्रक खदानों से मुक्त कराया.

    सीएम ने दी बधाई 

    मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने नीरज मुर्मू को डायना अवार्ड से सम्‍मानित होने पर शुभकामनाएं और बधाई दीं. सीएम ने कहा कि नीरज की उपलब्धि पूरे झारखंड के लिए गौरव के क्षण हैं. बच्चों के साथ सामाजिक बदलाव लाने वाले इस शिक्षक की यात्रा प्रेरणादायक है.

    Tags: Giridih news, Jharkhand news

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