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Positive News: किसान भाई यदि आय बढ़ानी है तो इनसे सीखिए, साल भर में हाजी अनवर की इनकम हो गई चौगुनी

Positive News: किसान भाई यदि आय बढ़ानी है तो इनसे सीखिए, साल भर में हाजी अनवर की इनकम हो गई चौगुनी

Agriculture News: हाजी अनवर हजारों किसानों के लिए प्रेरणास्रोत बन गए हैं. (न्‍यूज 18 हिन्‍दी)

Agriculture News: हाजी अनवर हजारों किसानों के लिए प्रेरणास्रोत बन गए हैं. (न्‍यूज 18 हिन्‍दी)

Integrated Farming: गिरिडीह जिले के बेंगाबाद के करणपुरा निवासी किसान हाजी अनवर एक साथ कई तरह की खेती कर कृषि आय को बढ़ाने में कामयाब रहे. उन्‍होंने नई तकनीक की मदद से यह कमाल कर दिखाया.

    एजाज अहमद

    गिरिडीह. झारखंड के गिरिडीह जिले से देश के हजारों-लाखों किसानों को प्रेरणा देने वाली खबर सामने आई है. जिले के बेंगाबाद प्रखंड के करणपुरा के किसान हाजी अनवर ने खेती की विकसित पद्धति अपना कर साल भर में ही कृषि आय चौगुनी कर ली. हाजी अनवर ने यह कमाल समेकित कृषि पद्धति अपना कर किया. हाजी अनवर ने नई तकनीक का सहारा लेते हुए एक साथ आम की नर्सरी, मछली पालन, बतख पालन और मुर्गी पालन कर अपनी आमदनी को बढ़ाने में कामयाब रहे. वह इसके अलावा अन्‍य फसलों की खेती भी करते हैं.

    जानकारी के अनुसार, किसान हाजी अनवर समेकित खेती का तरीका अपनाकर कृषि आमदनी चौगुनी करने में सफल रहे हैं. वह क्षेत्र के दूसरे किसानों के लिए प्रेरणास्रोत बन चुके हैं. हाजी अनवर की खेती करने की इस नई तकनीक का बहुत फायदा हुआ है. हाजी अनवर समेकित खेती के तहत एक ही स्थान पर आम की नर्सरी के साथ-साथ मछली, बतख, देसी मुर्गा और अन्य फसलों की खेती करते हैं. उनकी इस समेकित खेती की चर्चा पूरी जिले में है. खेती करने के इस तरीके से प्रेरित होकर गिरिडीह के उपायुक्त भी उनकी नायाब पद्धति को देखने आ चुके हैं. इसके अलावा नवनियुक्त जजों की टीम भी हाजी अनवर के तौर-तरीकों को देखने आए थे.

    15 एकड़ जमीन पर समेकित खेती
    हाजी अनवर लगभग 15 एकड़ की जमीन पर आम की नर्सरी के अलावा देसी मुर्गा का पालन कर रहे हैं. इसके अलावा मछली और बतख का भी पालन किया जा रहा है. इससे सबसे बड़ा फायदा यह हो रहा है कि खाना अगर बतख को दिया जाता है तो बतख अपना वेस्ट तलाब में करते हैं जो मछलियों के लिए लाभदायक होता है. इससे एक खुराक से बतख और मछलियां दोनों पाले जा रहे हैं.

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     क्षेत्र के लोगों को भी मिल रही मदद
    आम की बागवानी और नर्सरी के लिए मनरेगा के तहत हाजी अनवर को सरकार की तरफ से मदद भी दी गई है, ताकि जो पौधे पश्चिम बंगाल से मंगाया जा रहे थे वह अब गिरिडीह जिले में ही उपलब्ध हो सके. बताया जाता है कि अभी तक मनरेगा के तहत लगाए गए पेड़-पौधों को पश्चिम बंगाल से मंगाया जाता था, लेकिन अब जिले भर में यहीं से सप्लाई किया जाएगा. इससे न केवल दूसरे राज्‍यों में धन का प्रवाह थमेगा, बल्कि अपने ही लोगों को रोजगार भी मिल सकेगा.

    जैविक खाद का इस्‍तेमाल
    हाजी अनवर बताते हैं कि आने वाले दिनों में अगर किसानों को आय दोगुना कना है तो पारंपरिक खेती (आलू, प्याज, गेहूं और धान) के अलावा समेकित खेती को अपनाना होगा. हालांकि, खेती की इस पद्धति को सीखने के लिए जिले के दूसरे प्रखंडों से भी किसान प्रशिक्षण लेने के लिए आ रहे हैं. दूसरी सबसे बड़ी बात यह है कि यहां पर जितने प्रकार की खेती की जा रही है, उसमें रासायनिक खाद का इस्तेमाल बिल्कुल भी नहीं किया जाता है. यहां पर सिर्फ और सिर्फ जैविक खाद के माध्यम से फसलों को तैयार किया जाता है.

    Tags: Giridih news, Jharkhand news

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