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70 साल से रह रहे आदिवासी परिवारों के घर पर चला प्रशासन का बुलडोजर

News18 Jharkhand
Updated: September 28, 2018, 1:39 PM IST
70 साल से रह रहे आदिवासी परिवारों के घर पर चला प्रशासन का बुलडोजर
आदिवासियों के घर पर चला प्रशासन का बुलडोजर

जेवीएम विधायक प्रदीप यादव ने प्रशासन को इस मुद्दे पर 2 अक्टूबर तक का समय दिया है. समाधान नहीं होने पर अनशन करने की चेतावनी दी है.

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एक तरह जहां केन्द्र और राज्य सरकार आदिवासियों को घर देने में जुटी हुई हैं, वहीं गोड्डा जिला प्रशासन उन्हें बेघर करने में लगा हुआ है. इसी तरह का एक वाकया पोड़ैयाहाट प्रखंड के केंदुआ गांव से सामने आया है. यहां प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर 70 साल से रह रहे 14 आदिवासी परिवारों के घर को ध्वस्त कर दिया.

दरअसल प्रशासन ने आदिवासियों के घर को इसलिए तोड़ा, क्योंकि शिकायत दर्ज कराई गयी थी कि ये घर गोचर जमीन पर बने हुए हैं. गांववालों का कहना है कि प्रशासन ने आदिवासी परिवारों को बेघर कर ठीक नहीं किया. ये लोग 70-80 साल से यहां रह रहे हैं.

जेवीएम विधायक प्रदीप यादव ने प्रशासन को इस मुद्दे पर 2 अक्टूबर तक का समय दिया है. समाधान नहीं होने पर अनशन करने की चेतावनी दी है. उन्होंने कहा कि जब ये लोग आजादी से पहले से रह रहे हैं, तो बिना वैकल्पिक व्यवस्था किये घर क्यों तोड़ा गया. जबकि उस गोचर जमीन की जररूत फिलहाल प्रशासन को नहीं थी.

प्रदेश बीजेपी के उपाध्यक्ष हेमलाल मुर्मू ने कहा कि इस मुद्दे को सरकार के संज्ञान में दिया गया. सरकार का साफ निर्देश है कि पीड़ित परिवारों को उसी जगह पर फिर से बसाया जाए. जमीन आदिवासी परिवारों के नाम पर बंदोवस्त किया जाएगा. प्रधानमंत्री आवास योजाना का लाभ भी दिया जाएगा.

गोड्डा के एसडीओ फुलेश्वर मुर्मू का कहना है कि ग्रामीणों की ओर से जमीन का नेचर चेंज करने का प्रस्ताव आया है. प्रशासन उस पर विचार कर रहा है. पीड़ित परिवार उस जमीन के बदले अपनी खेती वाली जमीन प्रशासन को देने के लिए तैयार हैं.

(अजित कुमार की रिपोर्ट) 

 
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First published: September 28, 2018, 1:38 PM IST
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