मुआवजे के नाम पर किसानों ने लगाया था अंगूठा, अब मिला लोन चुकाने का नोटिस

सरकारी वकील राजकुमार घोष का कहना है कि ये सरासर बैंक और बिचौलिए की सांठ-गांठ से फर्जीवाड़ा हुआ है.

News18 Jharkhand
Updated: September 10, 2018, 5:32 PM IST
मुआवजे के नाम पर किसानों ने लगाया था अंगूठा, अब मिला लोन चुकाने का नोटिस
पीड़ित किसान
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Updated: September 10, 2018, 5:32 PM IST
गोड्डा में बैंक लोन के नाम पर फर्जीवाड़े का बड़ा मामला सामने आया है. पांच साल पहले दो बिचौलियों ने सुखाड़ के मुआवजे के नाम पर किसानों से कागज पर अंगूठे के निशान लगवा लिए. कुछ दिन बाद किसानों को 10 से 15 हजार रुपये की दर से पैसे बांट दिये गये. किसानों को लगा कि रकम मुआवजे का है, लेकिन अब जबकि किसानों को स्टेट बैंक ऑफ इंडिया का लोन नोटिस आया है तो उनके होश उड़ गये हैं.

जिले के मेहरमा प्रखंड के आदिवासी किसान अब मारे-मारे फिर रहे हैं. दरअसल, पांच साल पहले जब इस इलाके को सूखाग्रस्त घोषित किया गया था, तो बिचौलिए बमबम और दिगंबर पांडेय ने लगभग 45 घरों के किसानों से कागज पर ये कहकर अंगूठे का निशान लगवा लिया कि सुखाड़ का मुआवजा दिया जाएगा. मगर इन किसानों को क्या पता कि वे जालसाजी के शिकार हो गये.

अंगूठे का निशान लगवाने के 10 दिन बाद सभी को 10 से 15 हजार रुपये की दर से बिचौलियों द्वारा नकद का भुगतान किया गया. ये लोग उस पैसे को भूल से गए. मगर अब 5 साल बाद स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, मडप्पा के द्वारा लोक अदालत से इन्हें नोटिस मिला, तो इनके पैरों तले की जमीन खिसक गयी.

भोले-भाले आदिवासी और पिछड़े वर्ग के किसानो को जब ये नोटिस मिला, तो सभी भागे- भागे गोड्डा न्यायलय परिसर स्थित लोक अदालत कार्यालय पहुंचे. सभी के हाथों में सत्तर से लेकर पचासी हजार रुपये के बकाये के भुगतान का नोटिस था. किसान कहते हैं कि जब हम कभी बैंक गए ही नहीं, खाता हमारा है ही नहीं, तो हमने बैंक से कर्ज कब लिया.

सरकारी वकील राजकुमार घोष का कहना है कि ये सरासर बैंक और बिचौलिए की सांठ- गांठ से फर्जीवाड़ा हुआ है. अनपढ़ किसानों को बरगलाकर अंगूठे का निशान लगवा लिया गया और सभी के नाम से लोन स्वीकृत कर कुछ रकम की भुगतान कर सारे पैसे का बंदरबांट कर लिया गया. जिला प्रशासन को इस मामले की जांच करनी चाहिए.

(अजित कुमार की रिपोर्ट)

 
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