लाइव टीवी

गोड्डा लोकसभा सीट: बीजेपी के निशिकांत दुबे जमा पाएंगे जीत की हैट्रिक?

News18 Jharkhand
Updated: May 10, 2019, 2:31 PM IST
गोड्डा लोकसभा सीट: बीजेपी के निशिकांत दुबे जमा पाएंगे जीत की हैट्रिक?
गोड्डा सीट से लगातार दो बार से सांसद हैं बीजेपी के निशिकांत दुबे.

बीजेपी के निशिकांत दुबे ने इस सीट पर लगातार दो बार जीत दर्ज की है. अब उनके सामने तीसरी बार यहां विजय पाने की चुनौती है.

  • Share this:
झारखंड का गोड्डा लोकसभा क्षेत्र गोड्डा, देवघर और दुमका जिले को अपने में समेटे हुए है. देवघर में बाबा बैद्यनाथ तो दुमका में बासुकीनाथ विराजते हैं. इन दोनों जगहों पर हर साल देश-विदेश के लाखों श्रद्धालु पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं. इसलिए इस क्षेत्र को झारखंड की धार्मिक राजधानी भी कहते हैं. वहीं, गोड्डा खनिज संपदाओं से भरा हुआ है. यहां का ललमटिया खुला खदान एशिया में प्रसिद्ध है.

यहां के लोग कृषि पर निर्भर है. प्रमुख फसलें धान, गेहूं और मक्का हैं. गोड्डा संथाल नामक एक जनजाति की भूमि है. गोड्डा में ही ललमटिया कोयला खदान है, जिसके कोयले से दो ताप बिजली घर कहलगांव और फरक्का संचालित होती है.

पानी क्षेत्र की बड़ी समस्या

संथाल पगरना के इस क्षेत्र में सबसे बड़ी समस्या पानी की है. इस क्षेत्र में सिंचाई व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए साल 1982 में पुनासी जलाशय योजना शुरू की गई, लेकिन 37 साल बाद भी योजना पूरी नहीं हो पाई है. हालांकि, साल 2017 से इस योजना पर तेजी से काम जारी है. इस योजना के पूरा होने पर 60 हजार एकड़ खेतों को सिंचाई की सुविधा मिल पाएगी.

कौन हैं प्रत्याशी

जेवीएम प्रत्याशी प्रदीप यादव.


निशिकांत दुबे यहां बीजेपी के उम्मीदवार हैं. 2014 में तो मोदी लहर थी, लेकिन वो उससे पहले भी 2009 में चुनाव जीत चुके हैं. उनके लिए हैट्रिक बनाने का मौका है. बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे 2009 में सक्रिय राजनीति में उतरे थे. इससे पहले वह एस्सार के साथ निदेशक के रूप में काम कर रहे थे. पिछले पांच साल में सांसद निशिकांत दुबे के कामकाज को देखें, तो संसद में उनकी उपस्थिति 98 फीसदी रही. 337 डिबेट्स में हिस्सा लिया. 676 सवाल पूछे. 48 प्राइवेट मेम्बर बिल प्रस्तुत किये. इसके अलावा उन्होंने संसद में देवघर में संस्कृत विश्वविद्यालय स्थापित कराने की मांग रखी. निशिकांत दुबे का दावा है कि वे गोड्डा में अपने काम की बदौलत जीत की हैट्रिक लगाएंगे और इस बार जीत का अंतर पिछली बार से बहुत ज्यादा होगा.
Loading...

पिछली बार निशिकांत दुबे ने कांग्रेस के प्रत्याशी को हराया था. लेकिन इस बार उनका सामना गठबंधन में जेवीएम के प्रदीप यादव से है. कुल 13 प्रत्याशी यहां से किस्मत आजमा रहे हैं. इनमें बहुजन समाज पार्टी के जफर ओबैद भी हैं.

पिछले चुनाव में कैसा था मिजाज

पिछले यानी 2014 के चुनाव में बीजेपी के निशिकांत दुबे ने कांग्रेस के फुरकान अंसारी को 60 हजार से ज्यादा मतों से हराया था. निशिकांत दुबे को 3.80 लाख और फुरकान अंसारी को 3.19 लाख वोट मिले थे. तीसरे नंबर पर झामुमो के प्रदीप यादव 1.93 वोट पाकर रहे. इस सीट पर करीब 65 फीसदी मतदान हुआ था. इससे पहले भी 2009 में कांग्रेस को बीजेपी के निशिकांत दुबे से मात खानी पड़ी थी. तब निशिकांत दुबे ने फुरकान अंसारी को करीबी अंतर से हराया था.1996 से लगातार बीजेपी जीत रही है. एकमात्र अपवाद 2004 था, जब कांग्रेस ने जीत दर्ज की थी. एक लिहाज से देखा जाए, तो पिछले तीन दशक में कांग्रेस सिर्फ एक बार यानी 2004 में जीती है. तब फुरकान अंसारी ने जीत दर्ज की थी.

फुरकान अंसारी.


सामाजिक तानाबाना

गोड्डा लोकसभा सीट पर पिछड़ी जातियों और मुस्लिमों का दबदबा है. इस सीट पर अनुसूचित जाति की आबादी करीब 11 फीसदी और अनुसूचित जनजाति की आबादी करीब 12 फीसदी है. मतदाताओं की संख्या 15.90 लाख है, इसमें 8.25 लाख पुरुष और 7.64 लाख महिला मतदाता शामिल है. गोड्डा लोकसभा सीट के तहत छह विधानसभा सीटें (मधुपुर, देवघर, जरमुंडी, पोड़ैयाहाट, गोड्डा और महगामा) आती हैं. इनमें से देवघर अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है. 2014 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने चार सीटों (मधुपुर, देवघर, गोड्डा, महगामा), झामुमो ने एक सीट (पोड़ैयाहाट) और कांग्रेस ने भी एक सीट (जरमुंडी) पर जीत दर्ज की थी.

ये भी पढ़ें:

गिरिडीह लोकसभा सीट: चंद्रप्रकाश चौधरी और जगरनाथ महतो की जंग में कौन मारेगा बाजी

पलामू लोकसभा सीट: बीजेपी और आरजेडी के उम्मीदवारों के बीच कड़ी टक्कर

Lok Sabha Election 2019: 'कोयले की राजधानी' में क्या तीसरी बार खिलेगा 'कमल'?

 

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए गोड्डा से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: May 10, 2019, 2:31 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...