News18 Impact : हाईकोर्ट के जज पहुंचे गांव, कोरोना से अनाथ बच्चों को दी मदद, शिक्षा का इंतजाम किया

झारखंड के चीफ जस्टिस ने गुमला के गांव पहुंचकर कोरोना के कारण अनाथ बच्चों की मदद की.

झारखंड के चीफ जस्टिस ने गुमला के गांव पहुंचकर कोरोना के कारण अनाथ बच्चों की मदद की.

Positive India: न्यायाधीश ने न्यूज़18 की रिपोर्ट का उल्लेख करते हुए कहा कि भविष्य में भी ऐसे बच्चों के लिए हर संभव मदद ज़िला प्रशासन के माध्यम से की जाती रहेगी, जो महामारी के चलते परिवार को खो रहे हैं.

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गुमला. ज़िले के घाघरा प्रखंड के चुन्दरी गांव में झारखंड उच्च न्यायालय के न्यायाधीश अप्रेस कुमार सिंह , पत्नी वंदना सिंह पहुंचे तो पूरा गांव इस सरकारी अमले और गाड़ी को देखने उमड़ पड़ा. झालसा के मेंबर सेक्रेट्री मोहम्मद साकिब के साथ सिंह दंपति ने सामूहिक रूप से कोरोना महामारी के कारण अनाथ हुए बच्चों से मुलाकात की. पहले तो अनाथ बच्चों को उच्च विद्यालय हापामुनी में एक कार्यक्रम में आर्थिक सहयोग के साथ-साथ कपड़े व मिठाई दी गई. इसके बाद इन बच्चों की आगे की पढ़ाई की व्यवस्था भी चीफ जस्टिस ने की. न्यायाधीश सिंह ने कहा कि इन बच्चों के बारे में उन्हें न्यूज़ 18 के ज़रिये जानकारी मिली थी.

न्यायाधीश अप्रेस कुमार सिंह ने बताया कि न्यूज़18 के माध्यम से जानकारी मिली कि कोरोना काल में इस गांव के 4 बच्चे अनाथ हुए. उनके माता-पिता की मौत हो गई और बच्चों की परवरिश की ज़िम्मेदारी उनके 80 वर्षीय दादा के ऊपर आ गई. इसी के चलते जिला विधिक सेवा प्राधिकार गुमला द्वारा चारों बच्चों को 10-10 हज़ार रुपये का चेक, समाज कल्याण विभाग की ओर से 6-6 हज़ार रुपये का चेक दिया गया. उन्होंने कहा कि इस तरह महामारी से अनाथ बच्चों को आने वाले दिनों में भी सहयोग किया जाएगा.

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न्यूज़18 की खबर का असर.

बच्चों के दादा को पेंशन, पीएम आवास दिलाने के निर्देश

उन्होंने जिला प्रशासन को इस तरह के गंभीर मामलों पर लगातार नजर रखते हुए सहयोग करने का निर्देश दिया. इस दौरान उन्होंने कहा कि ऐसे बच्चों की पढ़ाई लिखाई का खर्च कल्याण विभाग द्वारा उठाया जाएगा. इसके बाद न्यायाधीश ने ज़िला प्रशासन को अनाथ बच्चों के दादा एतवा को पेंशन व उनके रहने के लिए प्रधानमंत्री आवास के तहत घर भी मुहैया कराने का निर्देश दिया. इस मदद के लिए पीड़ित परिवार ने धन्यवाद दिया.

कई अधिकारी थे मौके पर मौजूद



इस मौके पर मुख्य रूप से पीडीजे संजय कुमार चंद्रावी, जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव आनंदा सिंह, डीडीसी संजय बिहारी अंबस्त, एसडीओ रवि आनंद, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी सीता पुष्पा, अंचलाधिकारी धनंजय पाठक, प्रखंड विकास पदाधिकारी विष्णुदेव कच्छप मुखिया आदित्य भगत, जिला विधिक सेवा प्राधिकार के हसीब इकबाल, राजस्व उप निरीक्षक सुशील कुमार, राजस्व उपनिरीक्षक नवल कुमार, के अलावा कई लोग मौजूद थे.

न्यूज़18 ने प्रकाशित की थी खबर : झारखंड के एक गांव में कोरोना ने उजाड़ा परिवार, चार बच्चे हुए अनाथ

न्यूज18 ने सबसे पहले दिखाया था अनाथ बच्चों का दर्द

बता दें कि घाघरा प्रखंड के चुन्दरी गांव निवासी सोमा उरांव व उनकी पत्नी कर्मी उरांव की मौत के बाद उसके चार बच्चे गुड़िया कुमारी, प्रेम उरांव, बहादुर उरांव, फुल कुमारी अनाथ हो गए थे. इनकी परवरिश की जिम्मेदारी उनके दादा 70 वर्षीय खेतवा उरांव के ऊपर आ गई थी. इस खबर को न्यूज़18 में प्रमुखता से टीवी व वेब माध्यम से जारी किया था. इसके बाद न्यायाधीशों की टीम ने गांव में पहुंचकर पूरे मामले की छानबीन करते हुए सहयोग किया.

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