गुमला की बेटी परी पासवान ने जीता मिस इंडिया यूनिवर्सल का खिताब

गुमला के सामान्य परिवार में जन्मी परी पासवान ने दिल्ली में आयोजित फैशन कॉम्पटिशन में मिस इंडिया यूनिवर्सल का खिताब जीतकर ना केवल अपने परिवार का मान सम्मान बढ़ाया बल्कि प्रदेश और जिले को भी देश स्तर पर सम्मान दिलाया.

Sushil Kumar Singh | News18 Jharkhand
Updated: July 11, 2019, 9:00 AM IST
Sushil Kumar Singh | News18 Jharkhand
Updated: July 11, 2019, 9:00 AM IST
गुमला के सामान्य परिवार में जन्मी परी पासवान ने दिल्ली में आयोजित फैशन कॉम्पटिशन में मिस इंडिया यूनिवर्सल का खिताब जीतकर ना केवल अपने परिवार का मान सम्मान बढ़ाया बल्कि प्रदेश और जिले को भी देश स्तर पर सम्मान दिलाया. आमतौर पर फैशन कॉम्पटिशन में उन्ही लोगो को सफलता मिलती है जो सम्पन्न परिवारो से आते है लेकिन अगर दृढ इच्छा शक्ति हो तो कोई बाधा हमें सफल होने से नहीं रोक सकती और इस बात को परी ने साबित कर के दिखाया. इस प्रतियोगिता में सोलह राज्यो से प्रतिभागी आये थे. परी को शुरु से ही मॉडलिंग के क्षेत्र में जाने की इच्छा थी. जिले की इस प्रतिभावान बेटी की इच्छा फिल्मी दुनिया व मॉडलिंग के क्षेत्र में जाने की है जिसको लेकर अब वो कड़ी मेहनत करने की बात कही है.

गुमला की बेटी, Gumala's daughter
परी की माँ उसे मिस इंडिया यूनिवर्सल का क्राउन पहनाते हुए


बचपन के सपने को परी ने सच कर दिखाया 

परी पासवान ने कई नागपुरी और भोजपुरी फिल्मो में काम भी किया है. परी का बचपन से ही सपना था कि वो फैशन की दुनिया में अपना मुकाम बनाए और आज मिली इस सफलता ने उसके मनोबल को आगे बढ़ाने का काम किया है. परी की माँ की माने तो उनकी बेटी का यह शौक शुरु में उन्हे खराब लगता था लेकिन अब मिल रही सफलता से उन्हे परी पर नाज़ है. उसका कहना है कि परी ने इसके लिए कड़ी मेहनत की है.

गुमला की बेटी, Gumala's daughter
परी पासवान अपनी छोटी बहन के साथ, परी की छोटी बहन का सपना भी परी की तरह कुछ करके दिखाने का है.


आदिवासी बहुल इलाके को दी नई पहचान 

गुमला जैसे आदिवासी बहुल पीछड़े इलाके की एक बेटी के इस मुकाम पर पहुँचने पर ना केवल उसके परिवार वाले बल्कि उसके पास पड़ोस में रहने वालो में भी खुशी है जो परी के घर पहुंचकर उसे बधाई दे रहे है उनकी माने तो इससे साबित हो गया है इन इलाको में भी प्रतिभा की कमी नहीं है बस उन्हे सही अवसर मिलना चाहिए वही कुछ लोगो ने कहा की इससे उन बेटियो को प्रेरणा मिलेगी तो आर्थिक कमी और विपरीत परिस्थिति के कारण अपने इच्छाओ से समझौता कर लेती हैं. गुमला जैसे आदिवासी बहुल इलाके की पहचान ट्रैफिकिंग व पलायन वाले जिले के रुप में होती रही है लेकिन परी पासवान जैसी बेटी के कठीन परिश्रम ने इस जिले की पहचान एक प्रतिभावान बेटी के गांव घर और जिले के रुप में कर इस इमेज को बदलने का काम किया है.
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First published: July 11, 2019, 8:23 AM IST
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