'पोषण ट्री' से दूर होगा कुपोषण! महिलाओं को जागरूक करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने ढूंढ़ा नायाब तरीका

स्वास्थ्य विभाग द्वारा बनाया गया पोषण ट्री
स्वास्थ्य विभाग द्वारा बनाया गया पोषण ट्री

गुमला जिले में महिलाओं में कुपोषण (Malnutrition) की स्थिति चिंताजनक है. लिहाजा इससे निबटने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने अनोखा तरीका ढूंढा है. खासकर अनपढ़ महिलाओं को पोषण ट्री बनाकर समझाया जा रहा है.

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गुमला. झारखंड के गुमला जिले में लगातार बढ़ रही कुपोषण (Malnutrition) की समस्या को लेकर स्वास्थ्य विभाग काफी चिंतित है, क्योंकि कुपोषित महिलाओं के प्रसव में काफी परेशानी होती है. कई बार तो महिलाओं की जान तक चली जाती है. इसको देखते हुए विभाग के द्वारा महिलाओं को जागरूक किया जा रहा है. उन्हें किस तरह का भोजन करना चाहिए, इसकी जानकारी दी जा रही है.

पोषण ट्री बनाकर महिलाओं को समझाया जा रहा 

जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में पोषण ट्री बनाकर महिलाओं को रोचक तरीके से पौष्टिक खान-पान के बारे में बताए जा रहे हैं. स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक सही रूप से खान-पान का ध्यान नहीं रखने के कारण महिलाएं एनेमिक हो जा रही हैं. ऐसे में जब वे गर्भधारण करती हैं, तो प्रसव के दौरान काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. एनेमिक होने से बचने के लिए महिलाओं को पौष्टिक खानपान लेना चाहिए.



पोषण ट्री की जानकारी देते हुए स्वस्थकर्मी अंजना साहू ने बताया कि शुरुआती दौर से ही अगर खानपान पर ध्यान दिया जाय, तो किसी प्रकार की दिक्कत नहीं होगी. उन्होंने बताया कि लोगो के घरों में सुविधा नहीं होने पर धात्री महिलाओं को आगनबाड़ी केंद्रों से भी पौषण बनाये रखने के लिए खाद्य पदार्थ उपलब्ध करवाये जाते हैं. लेकिन लापरवाही के कारण महिलाएं इन्हें सही रूप से लेती नहीं है. जिससे आगे चलकर उन्हें दिक्कत होती है.
डीसी की अपील- सरकारी योजनाओं का उठाएं लाभ 

जिले में महिलाओं को पोषण की जानकारी देने के लिए चलाए जाने वाले जागरूकता अभियान को लेकर जिला उपायुक्त शिशिर कुमार सिन्हा ने कहा कि सरकार का उद्देश्य है कि सूबे की कोई महिला कुपोषित न रहे, ताकि भविष्य में उन्हें किसी प्रकार की परेशानी न हो. इसके लिए सरकार की ओर से कई योजना चलाई जा रही हैं. महिलाएं इन योजनाओं का लाभ उठाएं.
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