12 हजार का टॉयलेट बनाने के लिए दे दिए छह लाख, अब वसूली की कवायद
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12 हजार का टॉयलेट बनाने के लिए दे दिए छह लाख, अब वसूली की कवायद
इस पत्र से खुली 12 हजार की जगह 3 और 6 लाख पाने वाली महिलाओं की पोल

गुमला जिला प्रशासन की लापरवाही से बड़ा घोटाला लोगों के सांने आया है. स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत शौचालय निर्माण के लिए गुमला में अनेक लोगों के खातों में 12 हजार की जगह किसी के खाते में 3 तो किसी के खाते में 6 लाख की रकम डाल दी गई. यह रकम किसने और किस मंशा से डाली, यह अभी जांच का विषय है. मामला खुलने के बाद जिला प्रशासन की प्राथमिकता किसी तर जिन खातों में लाखों की रकम गई है, उनसे रिकवरी करने की है.

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गुमला जिला प्रशासन की लापरवाही का एक अनोखा मामला सामने आया है. जिला प्रशासन की ओर से स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत शौचालय निर्माण में लगे सरकारी एजेंसी के पदाधिकारियों की ओर से लाभुकों के खाते में बारह हजार रुपयों की बजाय लाखों रुपये डाल दिए गए. मामले के सामने पर प्रशासनिक पदाधिकारी मामले की लीपापोती करते हुए लाभुकों से पैसों की वसूली करने की पहल शुरु कर दी है. वहीं मामले को काफी गंभीर बताते हुए स्थानीय लोगों ने कार्रवाई की मांग की है. यह रकम किसने और किस मंशा से डाली, यह अभी जांच का विषय है.

जिला प्रशासन सरकारी योजनाओं को लेकर कितना गंभीर है, इस बात का अंदाजा इस बात से लग सकता है कि सरकार द्वारा शौचालय निर्माण के लिए दी जाने वाली बारह हजार रुपया की धनराशि के बजाय दो लाभुकों के खाते में तीन-तीन लाख रुपया डाल दिया गया जबकि एक अन्य लाभुक के खाते में छह लाख रुपया डाल दिया गया. इसमें दो पालकोट प्रखंड के हैं जबकि एक लाभुक घाघरा प्रखंड का रहने वाला है.

पहली लाभुक पार्वती कुमारी है जो गुमला के पालकोट प्रखंड की रहने वाली हैं. उनके खाते में 31 अगस्त 2018 को छह लाख रुपया आया. दूसरी लाभुक सुनीता कुमारी के खाते में 09 जुलाई 2018 को तीन लाख रुपया व तीसरी लाभुक घाघरा निवासी ज्योति कुमारी के खाते में भी 15 जून 2018 को तीन लाख रुपया डाल दिया गया. जब यह मामले का उजागर हुआ तो सरकारी पदाधिकारी किसी पर कारवाई करने की बजाय घोटाले की लीपापोती करते हुए पैसे की रिकवरी की बात कह रहे हैं.



खुद सत्ता पक्ष के भाजपा के जिलाध्यक्ष सबिन्द्र कुमार सिंह ने इसे काफी गंभीर मामला बताते हुए एफआईआर करवाकर सम्बंधित पदाधिकारी पर कारवाई करने के साथ ही अब तक शौचालय के मद में दी गई समस्त राशि की जांच करने की मांग की है. हालांकि पूरे मामले को जिला के लोगों ने काफी गंभीर बताया है क्योंकि जिला में लाखो की संख्या में शौचालय के निर्माण के नाम पर लाभुकों के खाते में राशि भेजी गई हैं.
वहीं सामाजिक कार्यकर्ता मो. शहजाद ने कहा कि एक ओर धन का अभाव बता कई जरुरतमंदों को शौचालय निर्माण की प्रोत्साहन राशि आवंटित नहीं की गई है जबकि कुछ लोगों के खातों में लाखों की रकम डाली जा रही है. यह सब दर्शाता है की गुमला जिला प्रशासन के पदाधिकारी सरकारी योजनाओं को लेकर कितना गंभीर है.

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