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बिशुनपुर की धरती त्याग, बलिदान और संघर्ष की धरती है : राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद
Gumla News in Hindi

Sushil Kumar Singh | News18 Jharkhand
Updated: February 29, 2020, 7:34 PM IST
बिशुनपुर की धरती त्याग, बलिदान और संघर्ष की धरती है : राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद
राष्ट्रपति ने विकास भारती के सचिव अशोक भगत की आदिवासियों के बीच रहकर काम करने की प्रशंसा की और उनके काम को सराहा.

राष्ट्रपति (President) ने कहा कि हर मनुष्य में अलग-अलग गुण होते हैं, लेकिन हमें शिक्षा (Education) पर विशेष ध्यान देना चाहिए. उन्होंने विकास भारती (Vikas Bharti) के सचिव अशोक भगत की प्रशंसा की और कहा कि वह जिस परिवार से आते हैं वहां से वह विधायक और मंत्री बन सकते थे, लेकिन उन्होंने आदिवासियों के बीच रहकर काम किया. यह प्रशंसनीय है.

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गुमला. राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद (President Ram Nath Kovind) ने गुमला (Gumla) में जनजातियों को संबोधित करते हुए कहा कि 2016 से हमारी आकांक्षा थी कि आपके बीच आऊं. पिछले वर्ष कार्यक्रम बना और रांची तक आए, लेकिन खराब मौसम के कारण रांची (Ranchi) में ही रुकना पड़ गया. इस बार यहां आने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है. मैंने यहां आकर महसूस किया कि बिशुनपुर की धरती त्याग, बलिदान और संघर्ष की धरती है. राष्ट्रपति ने यहां सीनगी दई और जतरा टाना भगत को श्रद्धांजलि अर्पित की और कहा कि मैं यहां के सबसे पीछे बैठने वाले गांव के आदिवासियों से मिलने आया हूं. मुझे आज उन्हें नजदीक से देखने और समझने का मौका मिला है.

शिक्षा पर विशेष ध्यान देने की जरूरत

राष्ट्रपति ने कहा कि हर मनुष्य में अलग-अलग गुण होते हैं, लेकिन हमें शिक्षा पर विशेष ध्यान देना चाहिए. हर व्यक्ति को शिक्षा के प्रति जागरूक होकर अधिक से अधिक शिक्षा ग्रहण करना चाहिए. राज्य और केंद्र की सरकार ने शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए काफी सारे कार्य किए हैं. उन्होंने विकास भारती के सचिव अशोक भगत की प्रशंसा की और कहा कि वह जिस परिवार से आते हैं वहां से वह विधायक और मंत्री बन सकते थे, लेकिन उन्होंने यहां आदिवासियों के बीच आकर काम किया है. यह प्रशंसनीय है.



राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने



अपने संबोधन में शिक्षा के प्रति जागरूक होकर अधिक से अधिक शिक्षा ग्रहण करने की बात कही.


पारंपरिक रीति रिवाज से हुआ स्वागत

इससे पहले राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद गुमला के विशुनपुर स्थित विकास भारती में अपने तय समय पर पहुंचे. यहां विकास भारती के सचिव के साथ ही आदिम जनजाति के बच्चों ने उनका पारंपरिक रीति रिवाज से स्वागत किया. राष्ट्रपति ने विकास भारती के कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की और उनके कार्यों की जानकारी ली. उन्होंने आदिम जनजाति समुदाय और टाना भगतों से भी मुलाकात की.

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First published: February 29, 2020, 3:28 PM IST
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