मानव तस्करी से मुक्त कराई गई 9 बच्चियां, पुलिस को चकमा देकर दलाल फरार

गुमला जिला बाल कल्याण समिति ने 9 बच्चियों को मानव तस्करी से मुक्त कराया है. इनमें से 4 बच्ची लम्बे समय से हैदराबाद में नौकरानी के रूप में काम कर रही थीं.

Sushil Kumar Singh | News18 Jharkhand
Updated: July 15, 2019, 7:10 PM IST
मानव तस्करी से मुक्त कराई गई 9 बच्चियां, पुलिस को चकमा देकर दलाल फरार
गुमला - मानव तस्करी से मुक्त कराई गई बच्चियां
Sushil Kumar Singh | News18 Jharkhand
Updated: July 15, 2019, 7:10 PM IST
गुमला जिला बाल कल्याण समिति ने 9 बच्चियों को मानव तस्करी से मुक्त कराया है. इनमें से 4 बच्ची लम्बे समय से हैदराबाद में नौकरानी के रूप में काम कर रही थीं. वहीं 5 बच्चियों को रांची रेलवे स्टेशन से उस समय बरामद किया गया जब उन्हें किसी दलाल के माध्यम से बाहर भेजने की तैयारी थी. हालांकि इन बच्चियों को लेकर जा रहा दलाल पुलिस को चकमा देकर भागने में सफल रहा. अब सभी बच्चियों से बाल कल्याण समिति के सदस्य पूछताछ कर रहे हैं. बाल कल्याण समिति के चेयरमैन शम्भू सिंह की माने तो इलाके में मानव तस्कर सक्रिय हैं.

शम्भू सिंह ने कहा कि मुक्त कराई गई 9 मासूमों में से 4 बच्चियां हैदराबाद के विभिन्न घरों में नौकरानी के रूप में काम कर रही थीं. वहीं 5 मासूमों को रांची रेलवे स्टेशन से बरामद किया गया. शम्भू सिंह की माने तो इनमें से जो लड़कियां पढ़ना चाहेंगी उनके लिए पढ़ाई की व्यवस्था की जाएगी. साथ ही प्रयास किया जाएगा कि अन्य लड़कियों का जीवन भी बेहतर तरीके से चले.

गरीबी की फायदा उठा रहे मानव तस्कर

मानव तस्करी से मुक्त कराई गई बच्चियां बेहद गरीब परिवार से हैं.


मुक्त कराई गई बच्चियों से बात करने पर पता चला कि ये सभी बेहद गरीब परिवार से हैं. मजबूरी में ये सभी मानव तस्कर के चक्कर में पड़ गईं और पैसा कमाने के लिए बाहर जाने को तैयार हो गईं. एक बच्ची ने कहा कि उसकी देखभाल उसके पिता किया करते थे. लेकिन एक दुर्घटना में पैर टूट जाने के कारण उनकी कमाई बंद हो गई. ऐसे में उसके परिवार की आर्थिक हालत बिगड़ने लगी. इसी मजबूरी में पैसा कमाने वह बाहर जाने को तैयार थी. वहीं एक दूसरी बच्ची ने कहा कि छठी की पढ़ाई के बाद वह गुमला शहर में आकर पढ़ना चाहती थी. लेकिन गरीबी के कारण उसकी पढ़ाई की कोई व्यवस्था नहीं हो पाई. इस वजह से वह भी बाहर पैसा कमाने जा रही थी.

क्लायणकारी योजनाओं पर प्रश्न चिह्न

ये कोई पहली बार नहीं हुआ है जब मासूमों को मानव तस्करों से मुक्त कराया गया है. लगातार हो रही मानव तस्करी की घटनाओं के बाद भी इसको नियंत्रित करने के लिए सरकार द्वारा कोई कारगर कदम
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नहीं उठाया जा रहा है. साथ ही अगर गरीबी और आर्थिक तंगी के कारण ही बच्चियां बाहर ले जाई जा रही हैं तब निश्चितरूप से सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ सही रूप से गरीबों को नहीं मिल पा रहा है.

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First published: July 15, 2019, 7:10 PM IST
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