Home /News /jharkhand /

जरा हट के: झारखंड में 'शादी स्‍कूल' शुरू, यहां सिखाए जाते हैं सुखद दांपत्‍य जीवन के गुर

जरा हट के: झारखंड में 'शादी स्‍कूल' शुरू, यहां सिखाए जाते हैं सुखद दांपत्‍य जीवन के गुर

Marriage School Latest News: गुमला में क्रिसमस के बाद शादी करने वाले जोड़ों के लिए शादी स्‍कूल का आयोजन किया जाता है. (न्‍यूज 18 हिन्‍दी)

Marriage School Latest News: गुमला में क्रिसमस के बाद शादी करने वाले जोड़ों के लिए शादी स्‍कूल का आयोजन किया जाता है. (न्‍यूज 18 हिन्‍दी)

Gumla Marriage School: गुमला में ईसाई मिशनरी की ओर से शादी स्‍कूल का संचालन किया जाता है. यह स्‍कूल 15 दिनों तक चलता है. इस अत्‍यंत ही खास विद्यालय में शादी के बंधन को मजबूत बनाने और सुखी जीवन जीने के बारे में बताया जाता है. फादर सीप्रियन कुल्‍लू ने बताया कि शादी करने से पहले उसके बारे में जानना बेहद जरूरी होता है.

अधिक पढ़ें ...

    रूपेश भगत

    गुमला. विविधताओं से भरे झारखंड अनोखे पहल के लिए भी जाना जाता है. प्रदेश के गुमला जिले में एक अनूठे स्‍कूल का संचालन होता है. इस विद्यालय में शादी के बंधन में बंधने वाले जोड़ों को सुखद दांपत्‍य का गुर सिखाया जाता है. इसका संचालन ईसाई मिशनरी द्वारा किय जाता है. इस खास स्‍कूल में ईसाई समुदाय के युवक-युवतियों को विवाह के बाद कैसे सुखमय जीवन व्‍यतीत किया जाए, इसके बारे में बताया जाता है. एक तरह से इस स्‍कूल में जीवन प्रबंधन के बारे में पढ़ाया-सिखया जाता है, ताकि भविष्‍य में पति-पत्‍नी के बीच कड़वाहट इतनी ज्‍यादा न बढ़ जाए कि जीवन ही संकटमय हो जाए.

    गुमला में ईसाई मिशनरी मैरिज स्‍पेशल स्कूल का आयोजन करता है. दरअसल, ईसाई समुदाय के महापर्व क्रिसमस के बाद गुमला में 21 जोड़े विवाह के बंधन में बंधने वाले हैं. इसे देखते हुए शादी करने वाले युवक-युवतियों के लिए शादी स्‍कूल की शुरुआत की गई है. यह विशेष स्‍कूल 15 दिनों तक चलता है. इस विद्यालय में शादी करने जा रहे ईसाई समुदाय के जोड़ों को भविष्‍य की जिंदगी को लेकर व्‍यावहारिक शिक्षा दी जाती है. इस स्‍कूल का आयोजन शादी से पहले किया जाता है. इस स्‍कूल में युवक-युवतियों को शादी एवं शादी के बाद के जीवन से अवगत कराया जाता है, ताकि विवाह के बाद पति-पत्नी घर और परिवार के साथ सुखमय जीवन व्यतीत कर सकें.

    RIMS में कैंसर मरीजों को बड़ी राहत, डेढ़ सल बाद ठीक हुई जांच मशीन

     मजबूत संबंध बनाने की दी जाती है शिक्षा
    गुमला के संत पात्रिक महागिरजाघर में 21 जोड़ियों (42 युवक-युवती) की शादी होनी है. शादी स्कूल के गुमला धर्मप्रांत के विकर जनरल फादर सीप्रियन कुल्लू ने बताया कि ख्रीस्तीय समुदाय के युवक-युवतियों की शादी का मुहूर्त क्रिसमस पर्व (25 दिसंबर) के बाद होती है, जिसकी तैयारी अभी से शुरू हो गई है. उन्होंने कहा कि मनुष्य के जीवन में शादी अति महत्वपूर्ण स्थान रखता है, इसलिए इसे हर दृष्टिकोण से समझने की आवश्यकता होती है. शादी के बाद कई प्रकार की जिम्मेवारियां बढ़ जाती हैं. उन जिम्मेवारियों के निर्वहन के लिए पहले से तैयार होना होता है. फादर सीप्रियन ने बताया कि शादी स्कूल में शामिल होने वाले युवक-युवतियों को शादी के मुख्य उद्देश्य यानि नर-नारी में परस्पर प्रेम, संतानोत्पत्ति, संतान का सही लालन-पालन, परिवार बसाना, नर-नारी की शारीरिक व मनावैज्ञानिक संरचना, स्‍त्री के गुण व विशेषताएं, स्‍त्री होने की ईश्वरीय बुलाहट, पुरुष के गुण व विशेषताएं एवं पुरुष होने की ईश्वरीय बुलाहट, अच्छी पत्नी के गुण, अच्छे पति के गुण, परिवार नियोजन के लिए कलीसिया सिद्धांत, धर्म/भगवान की नजर में शादी आदि के बारे में जानकारी दी जाती है.

    विवाह से पहले उसके बारे में जानना जरूरी
    फादर सीप्रियन कुल्‍ली ने बताया कि शादी के महत्व को समझना जरूरी है. फादर ने कहा कि आज के समय में अक्‍सर यह सुनने को मिलता है कि लोगों की शादी टूट गई. पति-पत्‍नी में तलाक हो गया, पत्नी ने आत्महत्या कर ली या फिर पति ने दूसरी शादी कर ली. कई लोग चट मंगनी-पट ब्याह कर लेते हैं. कई लोग दबाव में शादी करते हैं तो कई लोग दहेज के लोभ में शादी कर लेते हैं. लेकिन, शादी करने से पहले शादी के बाद के जीवन को सही से समझ नहीं पाते हैं. इसलिए ऐसे लोगों को पहले शादी के बारे में जानने की आवश्यकता है.

    Tags: Christmas, Gumla news, Marriage news

    विज्ञापन
    विज्ञापन

    राशिभविष्य

    मेष

    वृषभ

    मिथुन

    कर्क

    सिंह

    कन्या

    तुला

    वृश्चिक

    धनु

    मकर

    कुंभ

    मीन

    प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
    और भी पढ़ें
    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें

    अगली ख़बर