UPSC Result: गुमला के आशीष तिर्की ने 5वीं कोशिश में हासिल की IAS रैंक
Gumla News in Hindi

UPSC Result: गुमला के आशीष तिर्की ने 5वीं कोशिश में हासिल की IAS रैंक
आशीष तिर्की

अभी आशीष तिर्की दिल्ली में हैं, वो रविवार को अपने घर आएंगे.

  • Share this:
झारखंड के जिला गुमला के भरनो प्रखंड के तुरिअम्बा गांव निवासी भूतपूर्व सैनिक सूर्य मोहन उरांव और पंचायत की मुखिया मणी देवी के 28 वर्षीय पुत्र आशीष तिर्की ने यूपीएससी परीक्षा में कमाल कर दिखाया है. आशीष ने पांचवीं कोशिश में संघ लोक सेवा आयोग के मुख्य परीक्षा में सफलता हासिल कर भरनो समेत गुमला जिले व अपने माता-पिता का नाम रोशन कर दिया है. अभी आशीष तिर्की दिल्ली में हैं, वो रविवार को अपने घर आएंगे.

ऐसा रहा शिक्षा का सफर
यूपीएससी परीक्षा पास कर आईएएस बनने की जिद ने आशीष को पांचवें प्रयास में सफलता दिलाई है. बचपन से ही पढ़ाई में मेघावी रहे आशीष ने अपनी शुरुआती शिक्षा डीएभी स्कूल बोकारो में ग्रहण की. वहीं से प्रथम क्षेणी से मैट्रिक पास करने के बाद वो उच्च शिक्षा के लिए रांची चले गए. इसके बाद उन्होंने आईएससी प्रथम क्षेणी से संत जेवियर कॉलेज रांची से पास किया. इसके बाद स्नातक की पढ़ाई दिल्ली यूनिवर्सिटी से पूरी करने के बाद पिछले पांच वर्षों से लगातार यूपीएससी की परीक्षा की तैयारी करते रहे. आशीष तिर्की ने दिल्ली में कोचिंग करते हुए कड़ी मेहनत और लगन से ये उपलब्धि हासिल की. आशीष इससे पहले भी चार बार मुख्य परीक्षा में कुछ अंकों से पीछे रह गए थे. जिससे उन्हें सफलता नहीं मिली. लेकिन 2017 में यूपीएससी की परीक्षा में पांचवी बार शामिल हुए आशीष ने परीक्षा पास कर आईएएस रैंक हासिल कर अपने जिले का नाम रोशन कर दिया.

मां पंचायत की मुखिया तो पिता हैं भूतपूर्व सैनिक
यूपीएससी की परीक्षा पास कर आईएएस बनने वाले गुमला जिले के भरनो प्रखंड के तुरिअम्बा गांव निवासी आशीष तिर्की के पिता सूर्य मोहन उरांव भूतपूर्व सैनिक हैं. सूर्य मोहन रिटायर्ड होकर गांव में ही अभी खेती बाड़ी का काम करते हैं. आशीष के पिता 2000 में सेवानिवृत्त हुए हैं. वहीं उनकी मां मणी देवी तुरिअम्बा पंचायत की मुखिया हैं. आशीष तीन भाई बहनों में सबसे बड़े हैं, आशीष का छोटा भाई अरविंद उरांव उर्फ़ छोटू अभी मर्चेंड नेवी में ब्राजील (विदेश) में कार्यरत हैं. छोटी बहन सरना तिर्की अभी रांची के बिशप स्कूल नामकोम रांची में 10वीं कक्षा में पढ़ाई कर रही हैं.



पांचवे प्रयास में बना आईएएस
2017 में आयोजित संघ लोक सेवा आयोग की मुख्य परीक्षा में 901वां रैंक लाकर आईएएस बनने वाले आशीष तिर्की पूर्व में भी यूपीएससी द्वारा आयोजित देश की सबसे कठिन परीक्षा दे चुके हैं. वे वर्ष 2013 में पहली बार यूपीएससी की परीक्षा में बैठे थे. पहले प्रयास में सफलता हासिल नहीं कर पाए. इसके बाद 2014 और 2016 में मैंस की परीक्षा में कुछ अंकों की कमी के कारण सफलता नहीं मिल सकी थी. इसके बाद उन्होंने 2017 में आयोजित परीक्षा में एक बार फिर शामिल हुए और पांचवे प्रयास में सफल रहे. रैंक के मुताबिक उन्हें आईआरएस मिला है.

NEWS18 ने आशीष से फोन पर बात की. आशीष ने बताया कि
यह मेरे व मेरे परिवार के लिए गौरव का पल है. मेरी इस सफलता का श्रेय मेरी मां को जाता है. मेरी प्रेरणा स्रोत माता-पिता दोनों ही हैं. उन्हीं के सहयोग की बदौलत आज मैंने इस परीक्षा में सफलता हासिल की और इस मुकाम तक पहुंच पाया हूं.


बता दें, गुमला जिला के भरनो प्रखंड के तुरिअम्बा अतिपिछड़ा व आदिवासी बहुल गांव है. गुमला जिला उग्रवाद प्रभावित जिला है. ऐसे उग्रवाद प्रभावित जिले का एक बच्चा आज देश के सर्वोच्च परीक्षा को पास कर शीर्ष पद पर काबिज होने जा रहा है. इससे ज्यादा गौरवान्वित पल कुछ नहीं हो सकता.

ये भी पढ़ें- VIDEO: वाहन में लगी आग, दुल्हा-दूल्हन बाल-बाल बचे

बिजली दर में बढ़ोत्तरी पर बोले हेमंत सोरेन, गरीबों की जेब काटने में लगी है सरकार

राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे सिंधिया ने देवघर में की पूजा अर्चना
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज

corona virus btn
corona virus btn
Loading