सीएम की सोच से प्रेरित ग्रामीणों ने बदली गावों की तस्वीर

सरकार की ओर से शौचालय निर्माण के लिए साढ़े बाहर हजार रुपये की जो प्रोत्साहन राशि दी गई उसमें लोगों ने अपनी ओर से पैसे मिलाकर शौचालय के साथ-साथ स्नानागार भी बनवा लिया

Sushil Kumar Singh | ETV Bihar/Jharkhand
Updated: February 15, 2018, 12:11 PM IST
सीएम की सोच से प्रेरित ग्रामीणों ने बदली गावों की तस्वीर
सीएम की सोच से प्रेरित होकर ग्रामीणों ने बदली गांव की तस्वीर
Sushil Kumar Singh | ETV Bihar/Jharkhand
Updated: February 15, 2018, 12:11 PM IST
मुख्यमंत्री रघुवर दास की सक्रियता व स्वच्छ भारत अभियान को सफल बनाने के संकल्प ने गुमला के ग्रामीण इलाकों की तस्वीर बदल दी है. कल तक जिन घरों में शौचालय नहीं थे, उन घरों में आज शौचालय के साथ-साथ स्नानागार भी हैं. इससे अब महिलाओं को बाहर जाना नहीं पड़ता और उनका मान-सम्मान पूरी तरह से सुरक्षित है.

दरअसल सरकार की ओर से शौचालय निर्माण के लिए साढ़े बाहर हजार रुपये की जो प्रोत्साहन राशि दी गई उसमें लोगों ने अपनी ओर से पैसे मिलाकर शौचालय के साथ-साथ स्नानागार भी बनवा लिया. इससे अब महिलाओं को नदी-तालाबों में स्नान करने के लिए नहीं जाना पड़ता है. महिलाओं का मान-सम्मान पूरी तरह से सुरक्षित है. लिहाजा महिलाएं सरकार को धन्यवाद दे रही हैं.

स्वच्छ भारत अभियान के महत्व को समझते हुए गांव के कुछ जागरुक लोगो ने इस अभियान को सफल बनाने के लिए ग्रामीणों को जागरुक किया. उनकी माने तो मुख्यमंत्री रघुवर दास की पहल का ही परिणाम है कि अब महिला व युवतियों को सुबह हो या रात, शौच के लिए बाहर जाने की जरुरत नहीं है. ग्रामीणों ने इन शौचालयों का नाम मर्यादा घर रख दिया है. जिला के उप विकास आयुक्त नागेन्द्र सिन्हा कहते हैं कि सीएम की सोच को काफी बेहतर ढंग से जमीन पर उतारकर गुमला के कुछ इलाके के लोगों ने एक अलग मिसाल बनायी है, जो सराहनीय है.

सूबे के मुखिया रघुवर दास की सोच और गुमला के ग्रामीणों की मेहनत ने गांवों की जो तस्वीर पेश की है, वह पूरे राज्य के लिए एक प्रेरणा स्रोत के रुप में काम सकती है. अगर दूसरे जिलों के ग्रामीण भी जागरुक होकर शौचालय के साथ स्नानागार बना ले, तो निश्चित रुप से गांवों और महिलाओं का सम्मान बढ़ेगा.

 
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर