जिस काम को प्रशासन 20 साल में नहीं कर पाया, उसे ग्रामीणों ने 2 दिन में कर दिखाया

गांव के हर परिवार से एक-एक सदस्य ने सड़क बनाने में योगदान दिया.

गांव के हर परिवार से एक-एक सदस्य ने सड़क बनाने में योगदान दिया.

Gumla News: सड़क नहीं होने के कारण गांववाले मरीज को खाट पर लादकर दो किमी ले जाते था. तब जाकर बीमार को इलाज मिल पाता है. गांव में बेटे- बेटियों की शादी नहीं हो रही थी.

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रिपोर्ट- रुपेश भगत

गुमला. झारखण्ड अलग राज्य का जब गठन हुआ था, तब यहां के आदिवासियों को उम्मीद जगी थी कि अब उनका विकास होगा. लेकिन आज भी उनका वो सपना अधूरा ही है. गुमला जिले के आदिवासी इलाके डुमरडीह पंचायत के जिलंगा गांव में सड़क नहीं होने से लोगों को कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है. खासकर बरसात के दिनों के लोगों को आने-जाने में बहुत परेशान होती है. इस दौरान अगर कोई बीमार पड़ जाए, तो उसको अस्पताल ले जाने के लिए एम्बुलेंस गांव तक नहीं पहुंच पाती. सड़क नहीं होने के कारण मरीज को खाट पर लादकर दो किमी दूर तक ले जाया जाता था. तब जाकर मरीज का इलाज मिल पाता है. सड़क नहीं होने के कारण इस गांव में बेटे- बेटियों की शादी नहीं होती थी. लेकिन अब ग्रामीणों ने श्रमदान कर गांव जाने के लिए दो किलोमीटर सड़क बना डाली.

ग्रामीणों का कहना कि चुनाव के समय सिर्फ बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, पर उनको धरातल पर नहीं उतारा जाता. आने वाले समय में चुनाव आएगा तो वे वोट का बहिष्कार करेंगे. नेताओं को गांव में घुसने नहीं देंगे.

ग्रामीणों ने दो दिन में बनाई 2 किमी सड़क
जिला मुख्यालय से महज 15 किलोमीटर दूर पर स्थित जिलंगा गांव के लोगों ने श्रमदान से दो दिन में दो किमी सड़क बनाकर प्रशासन को आइना दिखाया है. ग्रामीण वर्षों से सड़क की मांग कर रहे थे. लेकिन जिला प्रशासन के कान में जूं तक नहीं रेंग रहा था. आखिरकार ग्रामीणों ने खुद ही सड़क बना डाली. हर परिवार से एक-एक सदस्य सड़क बनाने में योगदान दिया.

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