होम /न्यूज /झारखंड /रांची चाइल्‍ड लाइन ने नौ बच्‍चों को तस्‍करों से बचाया

रांची चाइल्‍ड लाइन ने नौ बच्‍चों को तस्‍करों से बचाया

झारखंड के गुमला जिला बाल कल्याण समिति की सक्रियता ने एक बार फिर अपने दायित्वों को गंभीरतापूर्वक निभाया है. बाल कल्‍याण समिति ने आठ मासूम बच्चियों और एक बच्‍चे के जीवन को बर्बाद होने से बचा लिया है.

झारखंड के गुमला जिला बाल कल्याण समिति की सक्रियता ने एक बार फिर अपने दायित्वों को गंभीरतापूर्वक निभाया है. बाल कल्‍याण समिति ने आठ मासूम बच्चियों और एक बच्‍चे के जीवन को बर्बाद होने से बचा लिया है.

झारखंड के गुमला जिला बाल कल्याण समिति की सक्रियता ने एक बार फिर अपने दायित्वों को गंभीरतापूर्वक निभाया है. बाल कल्‍याण ...अधिक पढ़ें

    झारखंड के गुमला जिला बाल कल्याण समिति की सक्रियता ने एक बार फिर अपने दायित्वों को गंभीरतापूर्वक निभाया है. बाल कल्‍याण समिति ने आठ मासूम बच्चियों और एक बच्‍चे के जीवन को बर्बाद होने से बचा लिया है.

    जिले के विभिन्न इलाकों के इन मासूमों को दो दिन पूर्व रांची के चाइल्ड लाइन की सहायता से बरामद किया गया है, हालांकि इन बच्‍चों को ले जा रही तस्‍कर भागने में सफल हो गई. वहीं, इन मासूम बच्चियों को फिलहाल जिला मुख्यालय में एक आश्रम में रखा गया है, लेकिन इन बच्चियों ने जो बयान दिए हैं उसने सरकार के उन तमाम दावों की पोल को खोल कर रख दिया है.

    रांची चाइल्ड लाइन की सहायता से बाल कल्याण समिति गुमला द्वारा वापस लाई गयी सभी मासूम बच्चियां नाबालिग हैं, जिनमें से अधिकांश स्कूल में पढ़ती हैं. लेकिन इनके सामने पेट की भूख और गरीबी भारी परेशानी का कारण बनती नजर आ रही है.

    कुछ बच्चियों को तो यह भी पता नहीं की वे कहां जा रही थीं, जबकि कुछ को बहला फुसलाकर काम दिलाने के लिए ले जाया जा रहा था. वहीं, कुछ ने कहा कि उनके मां बाप भी उनका लालन पालन करने में असमर्थ हैं ऐसे में उनके पास बाहर जाने के अलावा कोई विकल्प नहीं है.

    एक बच्ची ने जो बात बताई वह सरकार की घोषणाओ के मुंह पर तमाचा है. उनकी माने तो गांव में उनके मां बाप को कोई काम नहीं मिलता है. वहीं बीते दिनों हुई ओलावृष्टि में उनकी फसल पूरी तरह से बर्बाद हो गई, जिसके बाद उनके गांव में रहने का मतलब भूखे मरने के बराबर है.

    सीडब्ल्‍यूसी के पदाधिकारी अलख नारायण सिंह की माने तो हर बार वे मासूम बच्चियों को मुक्त करवाते हैं, लेकिन सरकार की ओर से समुचित व्यावस्था नहीं हो पाने से स्थिति में बहुत अधिक सुधार नहीं हो पा रहा है. जिससे मासूम लगातार बड़े शहरों में लेजा कर बेचे जा रहे हैं जहां ये कई तरह के शोषण का शिकार हो रहे हैं.

    Tags: Jharkhand news

    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें