बाल विवाह और बाल मजदूरी के खिलाफ खड़े हुए कोडरमा के बच्चे

कोडरमा के सुदूरवर्ती और उग्रवाद प्रभावित क्षेत्र के बच्चों ने कंधे-से-कंधा मिलाकर बाल समस्याओं को दूर करने का बीड़ा उठाया है.

ETV Bihar/Jharkhand
Updated: February 15, 2018, 12:37 PM IST
बाल विवाह और बाल मजदूरी के खिलाफ खड़े हुए कोडरमा के बच्चे
बाल विवाह और बाल मजदूरी के खिलाफ खड़े हुए कोडरमा के बच्चे
ETV Bihar/Jharkhand
Updated: February 15, 2018, 12:37 PM IST
कभी जहां उग्रवाद का साया था. बन्दूकों की बोली बोली जाती थी. आज सरकार के प्रयास से वो इलाका चैन और बदलाव की बयार को महसूस कर रहा है. बात कोडरमा के डोमचांच और मरकच्चों प्रखंड की करते हैं. यहां सरकारी मदद से दो दर्जन गांवों में बाल पंचायत का गठन कर बाल मजदूरी और बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों से लड़ने का सफल प्रयास चल रहा है.

कोडरमा के सुदूरवर्ती और उग्रवाद प्रभावित क्षेत्र के बच्चों ने कंधे-से-कंधा मिलाकर बाल समस्याओं को दूर करने का बीड़ा उठाया है. बाल समस्याओं से निपटने के लिये बाल मित्र गांव का निर्माण किया गया है, जहां पूरी लोकतांत्रिक व्यवस्था के तहत बाल पंचायत का गठन कर बाल मुखिया सहित अन्य पदाधिकारियों का निर्वाचन किया गया है.  फिलहाल 24 गांवों में बाल पंचायत का गठन किया जा चुका है. ये ग्राम पंचायतों की तरह काम कर रहे हैं और बाल समस्याओं के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं.

बाल पंचायतों ने न सिर्फ बाल विवाह और बाल मजदूरी जैसी समस्याओं से निबटने का संकल्प लिया है, बल्कि ये इन जिम्मेवारियों को बखूबी निभाने में भी सफल हो रहे हैं. इनके सफल प्रयास से गांवों में बाल विवाह रोकने में तो सफलता मिली ही है, बच्चों ने भी स्कूल का रूख किया है. इन प्रतिनिधियों ने मजदूरी कर रहे बच्चों को भी मोटिवेट किया और मजदूरी करने से रोका है. इस क्षेत्र में बाल मजदूरी और बाल विवाह में तेजी से कमी आई है.

बच्चों का जज्बा देखकर जिला प्रशासन ने भी हौसला आफजाई की और समारोह आयोजित कर सभी चयनित बाल पंचायत के प्रतिनिधियों को प्रमाण पत्र और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मनित किया. सामाजिक कार्यकर्ता अखलाक भी मानते हैं कि इस प्रयास से बाल समस्याओं से निजात पाने में सफलता मिली है और निश्चित रूप से झारखंड प्रदेश में बाल श्रम और ट्रैफिकिंग की समस्याए कम हुई है.

(समरेन्द्र की रिपोर्ट)

 
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