हजारीबाग: कांग्रेस MLA अंबा प्रसाद ने Lockdown की धज्जियां उड़ाते हुए की जनसभा, फिर दी सफाई
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हजारीबाग: कांग्रेस MLA अंबा प्रसाद ने Lockdown की धज्जियां उड़ाते हुए की जनसभा, फिर दी सफाई
कांग्रेस विधायक अंबा प्रसाद (फाइल फोटो)

विधायक अंबा प्रसाद (Amba Prasad) ने सफाई देते हुए कहा कि सभा ग्रामीणों (Villagers) के द्वारा आयोजित की गयी थी. ग्रामीणों के आग्रह पर वह सभास्थल पर पहुंची थीं.

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हजारीबाग. जिले के केरेडारी प्रखंड के पांडू गांव में कांग्रेस विधायक अंबा प्रसाद (Amba Prasad) ने लॉकडाउन का उल्लंघन (Violation of Lockdonw) करते हुए जनसभा की. रविवार को विधायक ने केरेडारी एनटीपीसी कोयला खनन परियोजना क्षेत्र के विस्थपितों और प्रभावित भू-रैयतों के साथ उनकी समस्या को लेकर बैठक की. इस दौरान मौके पर काफी संख्या में लोग जुटे और सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ाई गईं. बैठक में शामिल लोग मास्क भी नहीं पहने हुए थे. यह सब कांग्रेस विधायक की मौजूदगी हुआ.

बैठक में अंबा प्रसाद ने रैयतों को संबोधित करते हुए कहा कि एनटीपीसी कोई भी काम शुरू करने के पहले त्रिपक्षीय वार्ता करे. बिना वार्ता और समस्या सुलझाए काम शुरू नहीं होगा. जनता की समस्याओं का हल करना जरूरी है. इस बैठक में एनटीपीसी की ओर से कोई अधिकारी मौजूद नहीं थे. इसका कारण लॉकडाउन बताया गया.

जानकारी के मुताबिक, एनटीपीसी की ओर से गत 21 मई को केरेडारी के पांडू और तरहेसा गांव में कनवेयर बेल्ट के लिए रास्ता बनाने का काम शुरू किया गया है. इस काम को रोकने के लिए रविवार को विधायक अंबा प्रसाद की मौजूदगी में सैकड़ों ग्रामीणों ने बैठक की. विधायक ने ग्रामीणों को भरोसा दिया कि उनके साथ अन्याय नहीं होगा. वह उनके साथ हैं.



बैठक में सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ाते लोग
बैठक में सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ाते लोग




विधायक ने दी ये सफाई 
लॉकडाउन में जनसभा आयोजित करने के सवाल पर सफाई देते हुए विधायक अंबा प्रसाद ने कहा कि सभा ग्रामीणों के द्वारा आयोजित की गयी थी. ग्रामीणों के आग्रह पर वह सभास्थल पर पहुंची थीं. लोगों की भीड़ देखकर वह किनारे खड़ी होकर लोगों की बातें सुनी और वहां से तुरंत वापस हो गयीं. विधायक ने कहा कि पांडू के ग्रामीण विभिन्न समस्या को लेकर उनसे लगातार संपर्क कर रहे थे. जिसके बाद स्थिति को समझने के लिए वह पांडू पहुंची थीं, लेकिन जब उन्होंने यह महसूस किया कि सोशल डिस्टेंसिंग के नियम टूट सकते हैं, तो ग्रामीणों को समझाकर उनके आवेदनों लेकर वह लौट गईं.

जानकारी के मुताबिक, बैठक की खबर जिला प्रशासन के किसी अधिकारी को भी नहीं थी. और न ही इसके लिए अनुमति ली गई थी. सीओ अरुण कुमारी तिर्की ने बताया कि रैयतों के साथ बैठक के बारे प्रशासन को कोई सूचना नहीं दी गई.

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First published: June 1, 2020, 10:10 AM IST
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