हजारीबाग से हारने के बाद आहत हुई सीपीआई, कांग्रेस को बताया धोखेबाज

हजारीबाग संसदीय क्षेत्र से लोकसभा चुनाव में अपनी करारी हार से आहत सीपीआई ने कांग्रेस को धोखेबाज पार्टी करार दिया.

Ajay Lal | News18 Jharkhand
Updated: May 27, 2019, 4:40 PM IST
हजारीबाग से हारने के बाद आहत हुई सीपीआई, कांग्रेस को बताया धोखेबाज
भुवनेश्वर मेहता, राज्य सचिव, सीपीआई
Ajay Lal
Ajay Lal | News18 Jharkhand
Updated: May 27, 2019, 4:40 PM IST
हजारीबाग संसदीय क्षेत्र से लोकसभा चुनाव में अपनी करारी हार से आहत सीपीआई ने कांग्रेस को धोखेबाज पार्टी करार दिया. सीपीआई के राज्य सचिव भुवनेश्वर मेहता ने कहा कि कांग्रेस 15 अप्रैल की शाम तक उनसे यह कहती रही कि वह चुनाव की तैयारी करें. लेकिन फिर अचानक 16 अप्रैल को गोपाल साहू को टिकट दे दिया गया. सीपीआई के राज्य सचिव ने यह प्रतिक्रिया अपने कार्यालय में मीडिया से बात करने के दौरान दी. सीपीआई ने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव में सीपीआई कांग्रेस से किसी भी प्रकार की दोस्ती नहीं रखेगी.

भुवनेश्वर मेहता ने कहा कि आखिर तक कांग्रेस के नेता, कांग्रेस के अध्य़क्ष और कांग्रेस के प्रभारी बोलते रहे कि उनकी पार्टी हजारीबाग सीट लेफ्ट या कहिए सीपीआई के लिए छोड़ देगी. लेकिन कांग्रेस ने सीट नहीं छोड़ी. उन्होंने कहा कि 18 अप्रैल नामांकन भरने की अंतिम तारीख थी और 16 अप्रैल को कांग्रेस ने अपना प्रत्याशी गोपाल साहू को खड़ा कर दिया. इससे जनता भ्रमित हो गई. उन्होंने कहा कि इससे पहले यही चर्चा होती रही कि हजारीबाग से भुवनेश्वर मेहता गठबंधन के उम्मीदवार होंगे. ऐसे में जब कांग्रेस ने अपना उम्मीदवार खड़ा कर दिया तब ऐसी धारणा बन गई कि वही गठबंधन का उम्मीदवार है. उन्होंने कहा कि सीपीआई को कम वोट मिलने की यही वजह है.



उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस ने बिल्कुल अंतिम समय में सीपीआई को धोखा दिया. कांग्रेस के इस कदम से उन्हें तो वोटों का नुकसान हुआ ही मगर इससे ज्यादा नुकसान खुद कांग्रेस को हुआ. उन्होंने कहा
कि दिल्ली में कांग्रेस को सरकार बनानी थी और हम तो कांग्रेस के समर्थक थे. भुवनेश्वर मेहता ने कहा कि चुनाव से पहले ही उन्होंने प्रदेश की बड़ी पार्टियों कांग्रेस और झामुमो से कहा था कि चिंतन करने

की जरूरत है कि कैसे यहां गठबंधन मजबूत हो.

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