पीएम केयर्स फंड के नाम से फर्जी वेबसाइट बना ठगे 60 लाख, अब तक पुलिस के हत्‍थे चढ़े 6 शातिर

हजारीबाग पुलिस ठगों के पास से काफी सामान बरामद किया है.
हजारीबाग पुलिस ठगों के पास से काफी सामान बरामद किया है.

पीएम केयर्स फंड ( PM Cares Fund) के नाम पर फर्जी वेबसाइट (fake Website) बनाकर 60 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने वाले छह साइबर ठग अब तक हजारीबाग पुलिस (Hazaribagh Police) के हत्‍थे चढ़ चुके हैं.

  • News18 Bihar
  • Last Updated: September 17, 2020, 11:27 PM IST
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हजारीबाग. बिहार राज्‍य की हजारीबाग पुलिस (Hazaribagh Police) ने पीएम केयर्स फंड ( PM Cares Fund) के नाम से फर्जी वेबसाइट (fake Website) बनाकर दो बैंकों के खाते से 60 लाख रुपया निकालने के मामले में अब तक छह साइबर ठगों को अपनी गिरफ्त में लिया है. पुलिस द्वारा पकड़े गए दोनों साइबर ठग बिहार के रहने वाले हैं. आरोपी रोशन कुमार मुजफ्फरपुर का रहने वाला है, तो रोहित राज नूरसराय नालंदा जिले का रहने वाला है. इन दोनों के पास से दो लैपटॉप के साथ विभिन्न कंपनी के सिम कार्ड, मोबाइल, पासबुक और एटीएम कार्ड बरामद किए गए हैं.

पुलिस ने कही ये बात
हजारीबाग जिले के एसपी कार्तिक एस ने बताया कि साइबर सेल इस मामले में काफी वर्कआउट करते हुए आरोपी तक पहुंचा है और यह सफलता प्राप्त हुई है. इस मामले में हजारीबाग यूनियन बैंक ऑफ इंडिया और पंजाब नेशनल बैंक के शाखा प्रबंधक के आवेदन पर पुलिस ने कार्रवाई की है. दरअसल इन ठगों के द्वारा इन दोनों बैंकों में अकाउंट खुलवा कर लोगों से पीएम केयर रिलीफ फंड में दान देने की अपील की थी जिसके बाद लोग इन ठगों के गिरफ्त में आ गए और लगभग 60 लाख रुपया इन दोनों अकाउंट में जमा करा दिया, जिसे इन ठगों ने निकाल लिया.हालांकि पुलिस इस मामले में पूर्व में ही चार लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है.

कम समय ज्यादा कमाने की चाहत ने बनाया ठग
बिहार से पकड़े गए एक आरोपी बीटेक ने किया हुआ है. ऐसे में कहीं ना कहीं युवा वर्ग आसान रास्ते से पैसा कमाने की फिराक में है, जोकि इस बात का संकेत दे रहा है कि युवा जल्‍दी पैसा कमाना चाहते हैं. जबकि एसपी कार्तिक एस ने लोगों से अपील की है कि पैसा कमाने का कोई शॉर्टकट तरीका अवैध काम करके ना अपनाएं, क्योंकि अवैध कार्य करने का परिणाम अंततः सलाखों के पीछे ही जाना होता है.



ठगों ने बनाई दो दर्जन से अधिक फर्जी वेबसाइट
एसपी कार्तिक एस ने यह भी बताया कि पकड़े गए युवकों के द्वारा अब तक दो दर्जन से अधिक फर्जी वेबसाइट बनाई गयी हैं, जिसका अनुसंधान जारी है. हालांकि इस गिरोह में अभी और कई लोग शामिल हैं, जिसकी पुलिस तलाश कर रही है. उम्मीद है कि जल्द इस गिरोह के और भी सदस्य पुलिस के गिरफ्त में होंगे.
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