दशहत के साये में ग्रामीण, वन विभाग ने दिया गांव खाली करने का आदेश

ग्रामीणों के विरोध करने पर वन विभाग के अधिकारी पुलिस बल के साथ गांव पहुंचे और जमीन का सीमांकन करना शुरू कर दिया, लेकिन बढ़ते विरोध को देख कर अधिकारी लौट गए. ग्रामीणों ने कहा कि उस गांव में कोल ब्लॉक आवंटन किया गया है, जिसके कारण वन विभाग जमीन खाली करवाना चाहती है.

Rakesh Kumar | News18 Jharkhand
Updated: December 8, 2018, 4:53 PM IST
दशहत के साये में ग्रामीण, वन विभाग ने दिया गांव खाली करने का आदेश
हजारीबाग वन विभाग
Rakesh Kumar | News18 Jharkhand
Updated: December 8, 2018, 4:53 PM IST
हजारीबाग के बड़कागांव प्रखंड के तलसवार के टिकरीटॉड गांव के ग्रामीण इन दिनों दहशत के साए में जीने के लिए मजबूर है. वन विभाग द्वारा गांव के अधिकांश लोगों को वन भूमि में बसे होने के कारण खाली करने का फरमान जारी किया गया है. मामले में ग्रामीणों ने हजारीबाग वन विभाग के डीएफओ से न्याय की गुहार की है.

ग्रामीणों का कहना है कि वन विभाग ने जबरन खेती युक्त जमीन और घर खाली करने का आदेश दिया है, जबकि उनके पूर्वज 200 साल से इस गांव में रहकर अपना जीवन यापन कर रहे हैं. इससे पहले वन विभाग ने कही गांव के लोगों को यह जगह खाली करने के लिए नहीं कहा और अचानक विभाग के बड़े अधिकारी गांव पहुंचकर गांव खाली ने करने का फरमान जारी कर गए.

ग्रामीणों के विरोध करने पर वन विभाग के अधिकारी पुलिस बल के साथ गांव पहुंचे और जमीन का सीमांकन करना शुरू कर दिया, लेकिन बढ़ते विरोध को देख कर अधिकारी लौट गए. ग्रामीणों ने कहा कि उस गांव में कोल ब्लॉक आवंटन किया गया है, जिसके कारण वन विभाग जमीन खाली करवाना चाहती है.

मामले में वन विभाग के डीएफओ पी राजेंद्र नायडू ने साफ किया है कि उस गांव में वृक्षारोपण के लिए चुना गया है. ग्रामीणों की शिकायत पर वन विभाग अपना अमीन लेकर जाएगी और ग्रामीण भी अपना अमीन और कागजात साथ रखें ताकि पारदर्शी तरीके से मामला साफ हो सकें. उन्होंने कहा कि अगर ग्रामीण वन भूमि में रह रहे हैं तो उन्हें यह जमीन खाली करनी होगी.

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