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हजारीबाग लोकसभा सीट: केन्द्रीय मंत्री जयंत सिन्हा की प्रतिष्ठा दांव पर, कांग्रेस के गोपाल साहू से मुकाबला

News18 Jharkhand
Updated: May 4, 2019, 6:08 PM IST
हजारीबाग लोकसभा सीट: केन्द्रीय मंत्री जयंत सिन्हा की प्रतिष्ठा दांव पर, कांग्रेस के गोपाल साहू से मुकाबला
कांग्रेस प्रत्याशी गोपाल साहू और बीजेपी प्रत्याशी जयंत सिन्हा

हजारीबाग सीट पर मुख्य मुकाबला जयंत सिन्हा और कांग्रेस के प्रत्याशी गोपाल साहू के बीच है. हालांकि सीपीआई के भुवनेश्वर मेहता ने यहां के संघर्ष को त्रिकोणीय बनाने की कोशिश की है.

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हजारीबाग सीट पर बीजेपी के साथ-साथ केन्द्रीय मंत्री जयंत सिन्हा की भी प्रतिष्ठा दांव पर है. यहां वैसे तो 16 प्रत्याशी चुनावी दंगल में हैं. लेकिन मुख्य मुकाबला जयंत सिन्हा और कांग्रेस के प्रत्याशी गोपाल साहू के बीच ही है. हालांकि सीपीआई के भुवनेश्वर प्रसाद मेहता ने यहां के संघर्ष को त्रिकोणीय बनाने की कोशिश की है. जयंत सिन्हा 2014 के लोकसभा चुनाव में पहली बार यहां से जीते. उससे पहले इस सीट पर उनके पिता यशवंत सिन्हा का कब्जा रहा.

2014 में यशवंत सिन्हा का टिकट काट बीजेपी ने जयंत सिन्हा को मैदान में उतारा था. इस बार भी पार्टी ने उन्हीं पर भरोसा जताया है. वहीं कांग्रेस के गोपाल साहू पहली बार लोकसभा चुनाव लड़ रहे हैं. वह झारखंड कांग्रेस के कोषाध्यक्ष भी हैं. गोपाल साहू 2005 में रांची विधानसभा सीट से चुनाव लड़ चुके हैं. उनका राजनीतिक घराने से संबंध है. उनके भाई शिव प्रसाद साहू सांसद रह चुके हैं, जबकि धीरज साहू वर्तमान में कांग्रेस के राज्यसभा सांसद हैं. बात सीपीआई के भुवनेश्वर प्रसाद मेहता की करें तो 2004 के चुनाव में यहां पर जीत दर्ज कर वह सांसद बने थे. उन्होंने यशवंत सिन्हा को हराया था. उससे पहले मेहता साल 1991 में बीजेपी के ही यदुनाथ पांडेय को हार का स्वाद चखाया था.

हजारीबाग लोकसभा सीट पर अब तक हुए 16 चुनावों में से 6 बार भाजपा ने जीत दर्ज कराई. दो बार कांग्रेस के प्रत्याशी ने बाजी मारी. बीजेपी के यशवंत सिन्हा यहां से तीन बार सांसद चुने गए. पिछले 8 चुनावों से कांग्रेस यहां लगातार हारती आ रही है. 1989, 1991, 1996, 1998, 1999, 2004, 2009 और 2014 के चुनाव में कांग्रेस के हाथ हार लगी. मात्र दो बार 1971 और 1984 में कांग्रेस को जीत हासिल हुई. वहीं 1989, 1996, 1998, 1999, 2009 और 2014 में यहां से भाजपा प्रत्याशी संसद पहुंचे. कांग्रेस के प्रत्याशी यहां 7 बार दूसरे नंबर पर रहे. 1991 और 2004 में कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (सीपीआई) यहां विजयी घोषित हुई. 1977 में भारतीय लोक दल के सांसद चुने गए.

हजारीबाग लोकसभा सीट के अंतर्गत पांच विधानसभा क्षेत्र आते हैं. इनमें हजारीबाग सदर, मांडू, बरही, रामगढ़ एवं बड़कागांव शामिल हैं. हजारीबाग सदर विधानसभा सीट पर भाजपा, रामगढ़ विधानसभा सीट पर आजसू, मांडू विधानसभा सीट पर झामुमो, बड़कागांव विधानसभा सीट पर कांग्रेस और बरही विधानसभा सीट पर कांग्रेस का कब्जा है. यहां कुल 16 लाख 64 हजार 476 वोटर्स हैं. इनमें 8 लाख 84 हजार 348 पुरुष और 7 लाख 80 हजार 116 महिला मतदाता शामिल हैं. यहां मतदान केंद्रों की संख्या 2278 है.

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First published: May 4, 2019, 6:08 PM IST
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