Assembly Banner 2021

PM केयर फंड के नाम पर फर्जी वेबसाइट बना 51 लाख रुपए उड़ाए, 2 गिरफ्तार

पीएम केअर्स फंड के नाम पर 51 लाख रुपए का फर्जीवाड़ा. (प्रतीकात्मक फोटो)

पीएम केअर्स फंड के नाम पर 51 लाख रुपए का फर्जीवाड़ा. (प्रतीकात्मक फोटो)

झारखंड के हजारीबाग में प्रधानमंत्री राहत कोष के नाम पर दो बैंक खातों के जरिए लोगों के लाखों रुपए हड़पने का मामला. पुलिस कर रही है मास्टरमाइंड की तलाश.

  • Share this:
हजारीबाग. कोरोना वायरस COVID-19) के देशव्यापी संक्रमण से लड़ने के लिए प्रधानमंत्री केयर फंड (PM Care Fund) बनाया गया है. इसमें लोगों से सहायता करने की अपील की गई है. बड़े-बड़े संस्थान के साथ आम लोग भी इस फंड में सहायता राशि भेज रहे हैं. झारखंड के हजारीबाग में शातिर युवकों ने इस मौके का फायदा उठाते हुए 51 लाख रुपए उड़ा डाले. शातिर युवकों ने प्रधानमंत्री केयर फंड के नाम से फर्जी वेबसाइट बनाकर उसमें दो बैंकों के अकाउंट नंबर भी डाले. कोरोना से जंग के लिए इन दोनों बैंक खातों में लाखों रुपए आए और उसकी निकासी कर ली गई. बाद में जब मामले का खुलास हुआ, तब पुलिस ने 2 लोगों को गिरफ्तार किया है. पुलिस के मुताबिक इस मामले का मास्टरमाइंड तीसरा शख्स है, जिसकी तलाश की जा रही है.

झांसे में आ गए लोग

कोरोना महामारी के संक्रमण से लड़ने के लिए पीएम मोदी ने देशवासियों से पीएम केयर फंड में सहायता करने की अपील की. लेकिन हजारीबाग में साइबर अपराधियों ने उसे भी नहीं बख्शा. पुलिस के मुताबिक शातिरों ने पीएम केयर फंड के नाम से फर्जी वेबसाइट बनाई, जिसमें दो बैंकों के अकाउंट नंबर दिए गए थे. लोगों से इन खातों में पैसे डालने की अपील की गई. कई लोगों ने पीएम केयर फंड समझ कर इसमें लाखों रुपए की राशि डाली. बाद में शातिर अपराधियों ने दोनों खातों से 51 लाख रुपए निकाल लिए.



पीएनबी और यूनियन बैंक ने दर्ज कराई रिपोर्ट
पीएम केयर फंड के नाम पर फर्जीवाड़े का मामला हजारीबाग के दो बैंकों- पंजाब नेशनल बैंक और यूनियन बैंक से जुड़ा हुआ है. दोनों बैंकों के मैनेजर ने जब इस बाबत लिखित सदर थाने में शिकायत दर्ज कराई तब पुलिस को इसका पता चला. पुलिस ने मामले की पड़ताल शुरू की. जिन दो लोगों के अकाउंट नंबर डाले गए थे, उनकी तलाश शुरू हुई तो ये अकाउंट नंबर दो सगे भाइयों के निकले. पुलिस ने बताया कि दोनों हजारीबाग के मुफस्सिल थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं. शिकायत के आधार पर पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया है. मामले में एक और शख्स शामिल है. पुलिस का कहना है कि ओरिया निवासी उस युवक की भी तलाशी की जा रही है.

डीएसपी बोले- कई चेकबुक व पासबुक बरामद

मामले को लेकर जिले के सदर डीएसपी कमल किशोर ने बताया कि फर्जी वेबसाइट बनाकर पैसे हड़पने वाले केस में मुख्य सरगना ओरिया निवासी परमेश्वर साव है. परमेश्वर ने पकड़े गए दोनों आरोपियों के दो अलग-अलग बैंकों में अकाउंट खुलवाए थे. इन बैंक खातों में पैसे आने के बाद हर ट्रांजेक्शन पर कुछ राशि देने का वादा किया था. डीएसपी ने बताया कि दोनों आरोपियों के पास से कई चेकबुक, पासबुक और एटीएम बरामद किए गए हैं. ओरिया निवासी परमेश्वर साव की गाड़ी पुलिस ने जब्त कर ली है, उसमें से भी कई बैंकों के पासबुक और एटीएम बरामद किए गए हैं. पुलिस ने दोनों बैंकों के अकाउंट को फ्रीज करवा दिया है और तफ्तीश में जुटी है.

 

ये भी पढ़ें-

COVID-19: झारखंड में मिले 3 और कोरोना पॉजिटिव मरीज, अब तक 17 लोग संक्रमित

झारखंड: तबलीगी जमात से जुड़े 29 विदेशियों पर प्रशासन का शिकंजा, FIR दर्ज
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज