'ग्रीन तिलैया, क्लीन तिलैया' के सपने पर ग्रहण लगा रहा झुमरीतिलैया नगर परिषद

प्रधानमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट स्वच्छ भारत मिशन को ठेंगा दिखाते हुए झुमरीतिलैया नगर परिषद के द्वारा ही शहर का कचरा शहर की घनी आबादी के बीच बाईपास में वर्षों से डम्प किया जा रहा है

ETV Bihar/Jharkhand
Updated: March 14, 2018, 11:40 AM IST
'ग्रीन तिलैया, क्लीन तिलैया' के सपने पर ग्रहण लगा रहा झुमरीतिलैया नगर परिषद
नगर परिषद के द्वारा बाईपास में गिराया जा रहा कचरा
ETV Bihar/Jharkhand
Updated: March 14, 2018, 11:40 AM IST
कोडरमा के झुमरीतिलैया नगर परिषद क्षेत्र को भले ही 6 माह पूर्व ओडीएफ घोषित कर दिया गया है पर हकीकत इससे इतर है. परिषद के द्वारा जगह-जगह खुले में शौचमुक्त होने का बोर्ड लगा दिया गया है और खुले में शौच करने वालों पर जुर्माना भी लगाया जाता रहा है, पर स्थिति बिल्कुल उलट है.

प्रधानमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट स्वच्छ भारत मिशन को ठेंगा दिखाते हुए झुमरीतिलैया नगर परिषद के द्वारा ही शहर का कचरा शहर की घनी आबादी के बीच बाईपास में वर्षों से डम्प किया जा रहा है. इतना ही नहीं नगर परिषद के द्वारा शहर के साफ किये गये सेप्टिक टैंक के मल-मूत्र को भी शहर के बीचों-बीच बाईपास में हाईवे के किनारे ही बहा दिया जाता है. इससे वातावरण तो प्रदूषित होता ही है, आस-पास के मुहल्ले के लोगों में बीमारी का भय भी बना रहता है. रोड के किनारे गंदगी के इस अंबार और बहाये गये मल के दुर्गंध से आने-जाने वाले लोगों को भी भारी परेशानी होती है. ऐसे में लोगों ने संबंधित पदाधिकरियों पर भी कार्रवाई की मांग की है.

गौरतलब है कि इन दिनों पूरे देश के साथ-साथ झुमरीतिलैया में स्वच्छता सर्वेक्षण चल रहा है और झुमरीतिलैया में भी जोर-शोर से गली मुहल्लों में पोस्टर-होर्डिंग्स के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जा रहा है. लेकिन नगर परिषद के द्वारा शहर में ही कचरा व सेप्टिक टैंक का मल सड़क के किनारे बहा कर लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है. नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी पंकज झा संज्ञान में आने के बाद उपाय की बात कह रहे हैं.

ऐसे में जिन पर शहर को स्वच्छ रखने का जिम्मा है जब वही शहर में गंदगी फैलाकर लोगों की जान जोखिम में डालेंगे तो ग्रीन तिलैया, क्लीन तिलैया का सपना कैसे साकार होगा.

 (समरेन्द्र की रिपोर्ट)

 
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