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भद्रकाली मंदिर परिसर में खुलेगा पाली भाषा का अध्ययन केंद्र!

भद्रकाली मंदिर परिसर में खुलेगा पाली भाषा का अध्ययन केंद्र!

मां भद्रकाली मंदिर, चतरा

मां भद्रकाली मंदिर, चतरा

धरोहरों व विशेषताओं पर एक अभिलेख तैयार करने की जरूरत है.

    चतरा में विनोबा भावे विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. रमेश शरण ने कहा है कि भद्रकाली मंदिर परिसर में पाली भाषा का अध्ययन केंद्र खोला जा सकता है. उन्होंने बताया कि ईंटखोरी प्रखंड का यह क्षेत्र काफी
    समृद्ध एवं ऐतिहासिक है और यहां पाली भाषा की पढ़ाई शुरू होनी चाहिए. कुलपति अपने परिवार के साथ मंदिर में पूजा अर्चना करने आए थे. इस मौके पर उन्होंने मंदिर परिसर स्थित मां भद्रकाली समेत अन्य कई मंदिरों के दर्शन किए. उन्होंने म्यूजियम में रखे ऐतिहासिक धरोहरों का अवलोकन भी किया.

    कुलपति ने कहा कि आने वाले समय में यह स्थल अपनी एक अंतर्राष्ट्रीय पहचान कायम कर सकेगा. विनोबा भावे विश्वविद्यालय के कुलपति डॉक्टर रमेश सरण ने इस ऐतिहासिक व धार्मिक स्थलों के अवलोकन के बाद कहा कि इस स्थल पर उपलब्ध सारी धरोहरों व विशेषताओं पर एक अभिलेख तैयार करने की जरूरत है, ताकि यहां की विशेषताओं की जानकारियां लोगों को उपलब्ध हो सके.

    वहीं इस मौके पर उन्होंने विश्वविद्यालय की तरफ से पाल लिपि विशेषज्ञों की भी व्यवस्था का भरोसा दिलाया. ताकि पाल वंश काल के दरम्यान स्थापित इस मंदिर परिसर में प्राप्त मूर्तिओं व भग्नावशेषों पर पाली भाषा में उत्कीर्ण लिपि को लोग आसानी से पढ़ व समझ सकें. इसके अतिरिक्त उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में भी इस स्थल को और विकसित करने की बात कही. ईंटखोरी को बौद्ध सर्किट से जोड़ने तथा मुख्य मंत्री रघुवर दास द्वारा मंदिर के विकास पर पांच सौ करोड़ रुपए खर्च किए जाने की घोषणा की भी उन्होंने प्रसंशा की.

    Tags: Vinoba Bhave University, झारखंड

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