ग्राउंड रिपोर्ट: जानें, हजारीबाग के इस मुखिया ने ऐसा क्या किया कि PM को करनी पड़ी तारीफ

मुखिया दिलीप रविदास कहते हैं कि पीएम की तारीफ से नई ऊर्जा मिली है. अब आगे इस दिशा में और जोर-शोर से काम करेंगे. युवाओं को इस काम में जोड़ जाएगा.

News18 Jharkhand
Updated: July 1, 2019, 1:58 PM IST
ग्राउंड रिपोर्ट: जानें, हजारीबाग के इस मुखिया ने ऐसा क्या किया कि PM को करनी पड़ी तारीफ
मुखिया दिलीप रविदास कहते हैं कि पीएम की तारीफ से नई ऊर्जा मिली है. अब आगे इस दिशा में और जोर-शोर से काम करेंगे. युवाओं को इस काम में जोड़ जाएगा.
News18 Jharkhand
Updated: July 1, 2019, 1:58 PM IST
रांची से 132 किलोमीटर दूर हजारीबाग जिले के कटकमसांडी प्रखंड का लुपूंग पंचायत रविवार को अचानक चर्चा में आ गया. वजह, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मन की बात कार्यक्रम में इस पंचायत और यहां के मुखिया की तारीफ की. लुपूंग पंचायत के मुखिया दिलीप कुमार रविदास ने जल संरक्षण की दिशा में सराहनीय काम किया है. इससे चार साल पहले तक जल संकट झेल रहे इस पंचायत की अब तकदीर बदल गई है.

जल संकट से जुझ रहा था लुपूंग

रविवार को पीएम के मुंह से तारीफ सुनकर लुपूंग पंचायत में उत्सव का माहौल पैदा हो गया. कहीं ढोल बज रहे थे, तो कहीं भारत माता की जय के नारे लग रहे थे. लेकिन चार साल पहले तक यहां ऐसा नजारा सपने जैसा था. लुपूंग पंचायत पानी की भयंकर किल्लत के दौर से गुजर रहा था. तब गांववाले पानी के लिए आस-पास के दूसरे पंचायतों पर निर्भर थे.

मुखिया बनने के बाद जल संरक्षण पर काम शुरू किया 

पंचायत चुनाव के बाद चुनकर आये गांव के मुखिया दिलीप कुमार रविदास ने इस स्थिति को बदलने की ठानी. उन्होंने जल संरक्षण पर काम करना शुरू किया. लोगों के बीच जागरूकता अभियान चलाया. पानी की एक- एक बूंद को बचाने का प्रयास किया गया. बारिश के पानी को या तो खेत में ऊंचे मेढ़ बनाकर संरक्षित किया गया या छोटे- छोटे ताल- तलैया खोदकर रखा गया. देखते ही देखते गांव से पानी की समस्या दूर होने लगी.

भीषण गर्मी में भी नहीं सूखता लुपूंग का चापानल


20 घरों में बनवाये गये हैं शॉकपिट 
Loading...

मुखिया दिलीप रविदास कहते हैं कि पीएम की तारीफ से नई ऊर्जा मिली है. अब आगे इस दिशा में और जोर-शोर से काम करेंगे. युवाओं को इस काम में जोड़ जाएगा. फिलहाल गांव के 20 घरों में शॉकपिट (पनसोखा) बनवाये गये हैं. आगे और भी घरों में इसको बनवाने का काम जारी है. अब शॉकपिट बनवाने में ड्रम का इस्तेमाल होगा. इससे पानी का लेवल बढ़ाने में मदद मिलेगी.

चापानल के पास बने शॉकपिट (पनसोखा)


अब ली जाएगी ड्राम की मदद 

दरअसल गांव में लगे चापानल का पानी बेकार ना जाए, इसके लिए नल के पास शॉकपिट बनवाये गये हैं. उसमें नल का पानी गिरता है और यह पानी पाइप के सहारे पास के खेतों में जाता है. इससे गांव का वाटर लेवल बरकरार रहता है. भीषण गर्मी में भी चापानल सूखते नहीं हैं. अब इस काम में ड्रम की भी मदद ली जा रही है. चालानल का पानी ड्राम में जमा होगा और यह पानी ड्राम के छेद के सहारे पाताल में जाएगा. इससे धरती का वाटर लेवल बना रहेगा.

परिवार और पंचायत के लिए सम्मान

पत्नी का कहना है कि उन्हें गर्व है कि पीेएम ने दिलीप के काम की तारीफ की. यह परिवार के साथ-साथ पंचायत और जिले के लिए सम्मान की बात है. गौरतलब है कि रविवार को पीएम ने अपने मन की बात कार्यक्रम में दिलीप रविदास के काम की तारीफ
की और कहा कि जल संरक्षण की दिशा में लोगों को उनसे प्रेरणा लेनी चाहिॆए. इस दौरान दिलीप कुमार का ऑडियो मैसेज भी सुनाया गया, जो कि खोरठा भाषा में था.

रिपोर्ट- अजय लाल

ये भी पढ़ें- सुर्खियां: रांची एयरपोर्ट पर विमान का पिछला हिस्सा रनवे से टकराया, बाल-बाल बचे 165 यात्री

फ्री इलाज के लिए डॉक्टर ने मांगा राशन कार्ड, पत्नी गई लाने तभी पति की हो गई मौत

 

 

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए हजारीबाग से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: July 1, 2019, 1:52 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...