जमशेदपुर के युवाओं ने बनाया इलेक्ट्रिक रेट्रो-फिट ऑटो, ये है खासियत, 6 महीने में सड़कों पर दौड़ेगा 

यह ऑटो 6 महीने में सड़क पर नजर आने लगेगा.

यह ऑटो 6 महीने में सड़क पर नजर आने लगेगा.

Jamshedpur News: मिनसिट्री ऑफ ह्यूमन रिसोर्स डेवलपमेन्ट के इनोवेशन सेल से इन युवाओं को फंडिंग मिली है. यह टीम अपने काम में लगी हुई है. उम्मीद है अगले साल तक इनका ऑटो मार्केट में उतर जाएगा.

  • Share this:

जमशेदपुर. चार युवा कॉलेज में मिले, दोस्ती हुई. फिर अपनी इनोवेटिव सोच के साथ एक हैकथॉन में भाग लिया, जहां इनकी टीम रनरअप रही. यहीं से गढ़ी गई एक नए स्टार्टअप की कहानी. जमशेदपुर के सूर्य प्रताप सिंह और गौरव कुमार सिंह, रांची के पुलकित जैन और कोडरमा के विश्वजीत कुमार, इन चार युवाओं की टीम इलेक्ट्रिक रेट्रो-फिट ऑटो के आइडिया पर काम कर रही है. इसके तहत पुराने डीजल व पेट्रोल वाले ऑटो को इलेक्ट्रिक ऑटो में कन्वर्ट किया जाएगा. इस स्टार्टअप के लिए प्रोटोटाइप तैयार हो चुका है. फिलहाल टीम सर्टिफिकेशन पर काम कर रही है.

इस स्टार्टअप को कैंब्रिज इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (सीआईटी) रांची के इनक्यूबेशन सेंटर में इनक्यूबेट किया गया है. इसके साथ ही एमएसएमई, एआईसीटीई, एसटीपीआई पुणे के मोशन इनक्यूबेटर, 36 इंक इनक्यूबेटर से सहयोग मिल रहा है.

पुराने पेट्रोल-डीजल ऑटो को इलेक्ट्रिक ऑटो में बदलने में 35-40 हजार रुपए खर्च करने पड़ेंगे. पुराने ऑटो में इंधन व मेंटेनेंस का खर्च ज्यादा होता है, इससे बचत होगी. एक बार चार्ज करने पर ऑटो 100 किलोमीटर से ज्यादा चलेगा. जितनी लोडिंग कैपेसिटी एक आम ऑटो में होती है, उतनी ही लोडिंग कैपेसिटी होगी. इससे पॉल्यूशन में कमी होगी. बचत ज्यादा होगा, तो भाड़ा भी कम हो सकता है.

मिनसिट्री ऑफ ह्यूमन रिसोर्स डेवलपमेन्ट के इनोवेशन सेल से इन युवाओं को फंडिंग भी मिली है. यह टीम अपने काम में लगी हुई है. उम्मीद है अगले साल तक इनका ऑटो मार्केट में उतर जाएगा.

अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज